मानसा: गत 23 जुलाई को हुए नगर कौंसिल मानसा के सीनियर उपप्रधान व उपप्रधान के चुनाव को हाईकोर्ट ने रद्द कर जिला प्रशासन को 21 दिनों के अंदर दोबारा नए सिरे से चुनाव करवाने के आदेश दिए हैं।
इस चुनाव को सीनियर उपप्रधान पद के उम्मीदवार कौंसलर नेम चंद नेमा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनका कहना था कि चुनाव में उन्होंने अधिक वोट प्राप्त किए थे, लेकिन चुनाव पर्यवेक्षकों ने हारने वाले उम्मीदवार को विजयी घोषित कर उन्हें पराजित दिखा दिया। दोनों पदों के लंबे समय से चुनाव लंबित थे, जिस पर गत 23 जुलाई को बचत भवन में एस.डी.एम. मानसा काला राम कांसल की निगरानी में चुनाव करवाया गया था।
प्रधान पद पर सुनील कुमार नीनू चुने गए, जबकि सीनियर उपप्रधान पद के लिए विशाल जैन गोल्डी और नेम चंद नेमा के बीच तथा उपप्रधान पद के लिए पवन कुमार और दविंदरपाल के बीच मुकाबला था, जिसमें सीनियर उपप्रधान के रूप में विशाल जैन गोल्डी व उपप्रधान दविंदरपाल को विजयी घोषित किया गया। इसके बाद हंगामा हुआ और थाना सिटी–2 ने पार्षद नेम चंद नेमा पर चुनाव में बाधा डालने का मामला दर्ज कर लिया था।
कौंसलर नेम चंद नेमा ने इस चुनाव प्रक्रिया में धांधलियों के आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर अदालत ने चुनाव रद्द कर फिर से करवाने के आदेश दिए। नेम चंद नेमा ने इसे सत्य की जीत करार दिया व कहा कि अब चुनाव दोबारा होंगे तो सबके असली दमखम का पता चलेगा। वहीं पार्षद प्रवीण गर्ग टोनी ने कहा कि चुनाव में खुली गुंडागर्दी हुई थी और अदालत के आदेशों से सच की जीत साबित हुई है।
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