दिल्ली को सताने आ गई कड़ाके की सर्दी! राजधानी का पारा 9 डिग्री सेल्सियस पर लुढ़का, ठंड से बचने की तैयारी शुरू
दिल्ली-एनसीआर में नवंबर की ठंड ने रफ्तार पकड़ ली है. राजधानी के ज्यादातर इलाकों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज हुआ. सफदरजंग में अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि पालम में अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री तक गिर गया. सभी स्टेशनों पर रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री की कमी देखी गई, जिससे सुबह और देर शाम की ठंड बढ़ गई है.
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. इससे ठंड में बढ़ोतरी हो रही है. दिल्ली का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. दिल्ली का अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे पहुंच गया है. राजधानी के सभी कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम दर्ज हुआ.
दिल्ली के तापमान में गिरावट
16 नवंबर, रविवार को सफदरजंग में अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस है, जो सामान्य से 1.9 सेल्सियस कम है. पालम इलाके में सबसे ज्यादा गिरावट दिखी, जहां अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.9 कम है. लोधी रोड, रिज और आयानगर में भी तापमान सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस से 1.6 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज हुआ.
दिल्ली में रातें और ठंडी हो रही हैं. रविवार को सफदरजंग का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस कम रहा. पालम में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 9.2 डिग्री सेल्सियस, जबकि रिज का न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. आयानगर का न्यूनतम तापमान 10.1 सेल्सियस रहा. सभी स्टेशनों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस से 5.7 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज हुआ.
इस बार सबसे पड़ेगी कड़ाके की ठंड
मौसम विभाग के मुताबिक सुबह और रात के तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है. साफ आसमान और कम नमी के कारण न्यूनतम तापमान और नीचे जा सकता है. ला नीना के कारण इस बार उत्तर भारत, खासकर दिल्ली–एनसीआर में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है. आमतौर पर ला नीना के दौरान प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में तापमान सामान्य से कम हो जाता है, जिसका असर दुनिया भर के मौसम पैटर्न पर पड़ता है. भारत में इसका प्रमुख प्रभाव सर्दियों को ज्यादा ठंडा और शुष्क बनाना माना जाता है. ऐसे में अगर ला नीना पूरी तरह से एक्टिव रहता है तो इस बार ज्यादा ठंड पड़ने की पूरी संभावना है.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.