Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका... अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और ब... IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, जानें किन पुख्ता सबूतों पर कोर्ट ने सु... पूर्णिया में बदल रही गांवों की तस्वीर: PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 281 परिवारों का बिजली बिल हु... हरिद्वार कांवड़ यात्रा में बड़ा हादसा: जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ के 4 कांवड़ियो... संत रविदास के 650वें जयंती वर्ष पर भदोही बना 'संत रविदास नगर', सीएम योगी ने की सांस्कृतिक पुनर्स्थाप... बिहार विधान परिषद में बड़ा उलटफेर: बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, मंत्री दीपक प्रकाश के ... असम के शिलचर में बड़ा हादसा: पानी की टंकी की सफाई के दौरान दम घुटने से 4 लोगों की मौत; इलाके में शोक कटनी में 11 साल पुरानी जर्जर सड़क का केक काटकर मनाया जन्मदिन! कांग्रेस का प्रशासन के खिलाफ अनोखा विर...

ढाका में 5 धमाके, 17 बसें खाक! अचानक फिर से क्यों जलने लगा बांग्लादेश, विरोध-प्रदर्शन या कोई बड़ी साजिश?

15

आवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश की यूनुस सरकार के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है. ढाका लॉकडाउन के तहत हो रहे इस आंदोलन में अब तक 17 बसें जलने की खबर है. ढाका में 5 जगहों पर धमाके की भी सूचना है. आवामी लीग के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए ढाका और मेमन सिंह मार्ग जैसे बड़े शहरों में सेना की तैनाती की गई है.

बांग्लादेशी आउटलेट प्रथम आलो के मुताबिक गुरुवार (13 नवंबर) को आवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले कमालपुर स्टेशन और गोपालगंज पीडब्ल्यूडी ऑफिस के बाहर आगजनी की. इस आगजनी में कार्यकर्ताओं ने 2 बसें फूंक दी.

सड़कों पर क्यों उतरे आवामी लीग के लोग?

बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ 13 नवंबर यानी आज इंटरनेशनल कोर्ट का पहला फैसला आ रहा है. आवामी लीग के कार्यकर्ताओं को डर है कि इस फैसले में शेख हसीना को दोषी करार दिया जाएगा, जिसके कारण आने वाले वक्त में उनकी बांग्लादेश वापसी मुश्किल है.

हसीना पर जुलाई 2024 में विद्रोह के दौरान मानवता का उल्लंघन करने का आरोप है. बांग्लादेश सरकार के मुताबिक हसीना के कहने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की थी. इस मामले में हसीना के अलावा बांग्लादेश के पूर्व गृह मंत्री भी आरोपी हैं.

यही वजह है कि आवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है. इतना ही नहीं, दिल्ली में बैठी हसीना भी फिर से सक्रिय हो गई हैं. हसीना ने एक इंटरव्यू में यूनुस सरकार पर अमेरिका का मोहरा होने का आरोप लगाया.

वहीं यूनुस सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि यह हिंसा हसीना के कहने पर हो रहा है. हसीना बांग्लादेश को फिर से आग में झोंकना चाहती है. सरकार ने लोगों से 13 नवंबर को घरों में ही रहने के लिए कहा है.

आवामी लीग के 100 से ज्यादा कार्यकर्ता अरेस्ट

बांग्लादेश की पुलिस ने हिंसा रोकने के लिए आवामी लीग के 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को पिछले 24 घंटे में अरेस्ट किया है. पुलिस संदेह के आधार पर इन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रही है.

बांग्लादेश सरकार के मुताबिक आंदोलन को कुचलने के लिए बीजीपी, पुलिस और सेना के जवानों की तैनाती की गई है. खुफिया एजेंसी को भी हाईअलर्ट पर रखा गया है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.