चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनाव करवाने के लिए आज, यानी 10 नवंबर को बड़े स्तर पर एकत्र होने का आह्वान किया गया है। इस दौरान छात्र संगठनों के बुलाने पर बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। छात्रों के इस प्रदर्शन को पहले ही पंजाब की किसान, मज़दूर, कर्मचारी और अध्यापक यूनियनों के साथ-साथ भाजपा को छोड़कर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों का समर्थन मिल चुका है।
हालांकि सीनेट में ढांचागत बदलावों को रद्द करवाने से जुड़ी छात्रों की मांग को शिक्षा मंत्रालय पहले ही मान चुका है, लेकिन छात्रों की दूसरी मांग है कि केंद्र सरकार इसके साथ ही सीनेट चुनाव की तारीख का भी ऐलान करे। उनका कहना है कि तारीख घोषित होने के बाद ही प्रदर्शन वापस लिया जाएगा। यू.टी. प्रशासन ने प्रदर्शन में भाग लेने आ रहे लोगों को चंडीगढ़ की सीमाओं पर ही रोकना शुरू कर दिया है।
इसके अलावा, विश्वविद्यालय प्रशासन ने शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। इस सभा को ध्यान में रखते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी ने 10 और 11 नवंबर को अवकाश घोषित किया है। इन दो दिनों में विश्वविद्यालय में सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियाँ पूरी तरह बंद रहेंगी। साथ ही, बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। विश्वविद्यालय के तीनों मुख्य द्वार बंद रहने की संभावना है और परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। बिना आईडी कार्ड के किसी भी व्यक्ति को विश्वविद्यालय में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
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