भारतीय रिजर्व बैंक ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2017-18 सीरीज VI के लिए अंतिम रिडम्पशन प्राइज तय कर दियै है. ये बॉन्ड 6 नवंबर, 2025 यानी आज मेच्योर हो रहे हैं. निवेशकों को प्रति यूनिट 12,066 रुपये मिलेंगे. यह शुरुआती निवेश पर एक महत्वपूर्ण रिटर्न दर्शाता है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना 2.50% का निश्चित वार्षिक ब्याज ऑफर करती है. अगर स्कीम की शुरुआत के आज की डेट तक के प्राइस को देखें तो इस सीरीज में निवेश करने वाले निवेशकों को रिडम्पशन पर करीब 316 फीसदी का रिटर्न मिलेगा.
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एसजीबी 2017-18 सीरीज VI के लिए अंतिम रिडम्पशन की घोषणा की है, जिसकी अंतिम तिथि 6 नवंबर, 2025 है. आरबीआई की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह सीरीज 6 नवंबर, 2017 को जारी की गई थी. 4 नवंबर, 2025 को जारी आरबीआई की प्रेस रिलीज के अनुसार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना पर भारत सरकार की नोटिफिकेशन संख्या 4(25)-(W&M)/2017 दिनांक 6 अक्टूबर, 2017 (एसजीबी 2017-18 श्रृंखला-VI-इश्यू डेट 6 नवंबर, 2017) के अनुसार, गोल्ड बॉन्ड जारी होने की तिथि से 8 साल पूरे होने की तारीख पर चुकाए जाने थे. उसी के हिसाब के बॉन्ड की अंतिम रिडम्पशन की तारीख 6 नवंबर, 2025 तय की गई है.
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड क्या है?
यह एक सरकार की तरफ से आम निवेशकों के लिए सोने में सुरक्षित निवेश करने करने को प्रोत्साहित करने का एक आसान तरीका है. इसे सोने का कागज भी कहते है. इसमें निवेश पूरी तरीके से डिजिटल होता है. आरबीआई सीरीज के हिसाब से बॉन्ड जारी करती है और वह 8 साल में मेच्योर होता है. इन बॉन्ड्स पर सालाना 2.50% की निश्चित ब्याज दर लागू होती है. व्यक्तिगत निवेशकों के लिए SGB के रिडम्पशन पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगता है. हालांकि, यह कर छूट केवल व्यक्तियों के लिए है, कंपनियों, HUF और अन्य के लिए नहीं है. इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति शेयर बाजार में अपना SGB बेचता है, तो उसे पूंजीगत लाभ कर से छूट नहीं मिलती है.
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