Chhatarpur Bribe Case: भगवान की कसम 2 लाख और 5 किलो शुद्ध घी दो; रिश्वतखोर पटवारी सस्पेंड, ऑडियो वायरल
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ मोटाखेड़ा के पटवारी को किसान से जमीन विवाद निपटाने के बदले भारी-भरकम रिश्वत मांगना महंगा पड़ गया। किसान ने चालाकी दिखाते हुए पटवारी की कॉल रिकॉर्डिंग कर ली और उसे वायरल कर दिया। मामला कलेक्टर के संज्ञान में आते ही जांच कराई गई और शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी पटवारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
🎙️ “भगवान की कसम फैसला तुम्हारे पक्ष में है, 2 लाख और 5 किलो घी लाओ”: किसान ने रिकॉर्ड की पटवारी की कॉल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटवारी महेंद्र सिंह ने जमीन के विवादित मामले का निपटारा करने के एवज में किसान से 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
घुवारा तहसील के ग्राम मोटाखेड़ा निवासी किसान काशी प्रसाद अवस्थी ने पटवारी से बातचीत के दौरान फोन कॉल रिकॉर्ड कर ली। वायरल ऑडियो में पटवारी कह रहा है— “भगवान की कसम, मामले में फैसला तुम्हारे पक्ष में ही हुआ है, लेकिन इसके एवज में 2 लाख रुपये चाहिए। ऑर्डर लिखा रखा हुआ है। दो लाख रुपये के अलावा 5 किलो शुद्ध देसी घी भी लाना होगा।” इसके बाद किसान ने यह ऑडियो प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुँचाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
🔍 कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देश पर SDM ने की जांच: बयानों के बाद तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट
रिश्वत मांगने का ऑडियो सार्वजनिक होते ही छतरपुर कलेक्टर मृणाल मीणा ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया।
उन्होंने गौरिहार एसडीएम (SDM) को ऑडियो क्लिप की त्वरित जांच के कड़े निर्देश दिए। गौरिहार एसडीएम विजय डेहरिया ने संबंधित पक्षों और गवाहों के बयान दर्ज किए तथा अपनी जांच रिपोर्ट छतरपुर कलेक्टर को सौंपी। प्रशासनिक और तकनीकी जांच में पुष्टि हुई कि ऑडियो में स्पष्ट रूप से पटवारी द्वारा ही रिश्वत की मांग की जा रही थी।
🚫 सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन पर कड़ा एक्शन: निलंबित कर उप तहसील जुझारनगर किया अटैच
गौरिहार एसडीएम विजय डेहरिया ने पटवारी के इस आचरण को शासकीय सेवा, अनुशासन और नैतिक नियमों का गंभीर उल्लंघन माना।
मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 तथा मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत आरोपी पटवारी महेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान पटवारी का मुख्यालय उप तहसील जुझारनगर तय किया गया है। एसडीएम गौरिहार ने पुष्टि करते हुए कहा कि जांच में ऑडियो की सत्यता प्रमाणित होने के बाद ही यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.