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छत्तीसगढ़: 25 साल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी 40 हजार किलोमीटर सड़कें

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में पिछले 25 सालों में 40 हजार किलोमीटर से ज्यादा सड़कें बनाई गई है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत प्रदेश के गांव गांवों तक सड़कें बिछाने का काम शुरू हुआ. राज्योत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में ग्रामीण सड़क निर्माण की सराहना भी की.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने देश के ग्रामीण इलाकों को सड़कों से जोड़ने के लिए पीएम ग्राम सड़क योजना की शुरुआत साल 2000 में की थी. यह योजना देश के साथ ही राज्य के ग्रामीण इलाकों में परिवर्तनकारी साबित हुई.

अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए लगभग 40 हजार किलोमीटर सड़कें बनायी जा चुकी है. राज्य निर्माण के पहले यहां सड़कों का औसत देश के पूर्वोत्तर राज्यों से भी नीचे था. उस समय यहां ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र 4200 किलोमीटर सड़कें थी. देश में जब पीएम ग्राम सड़क योजना शुरू हुई तब ग्रामीण समृद्धि का नया दौर शुरू हुआ. सड़कें केवल आवागमन का जरिया नहीं बल्कि यह सामाजिक आर्थिक परिवर्तन का माध्यम भी बनी.

छत्तीसगढ़ में गांव-गांव में सड़कों का जाल: छत्तीसगढ़ के शुरुआती 16 वर्षों में तेजी से ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ. लगभग 32 हजार किलोमीटर पक्की सड़कें और पुल -पुलिया बनायी गई. इन सड़कों के माध्यम से साढ़े 10 हजार से ज्यादा बसाहटों को जोड़ा गया. अब तक योजना में 40,415 किलोमीटर लंबी 8,310 सड़कों और 426 वृहद पुलों का निर्माण पूरा किया जा चुका है. इस योजना मे दूसरे और तीसरे चरण में 10 वर्ष पुरानी सड़कों का मजबूतीकरण और उन्नयन का कार्य किया गया. इस चरण में कुल 5,583 किलोमीटर लंबाई की 534 सड़कों और 82 वृहद पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण जा चुका है. स्वीकृत सभी परियोजनाएं शत-प्रतिशत पूरी की जा चुकी है.

सड़कें बनने से ग्रामीणों को मिली सुविधाएं: वर्तमान में ग्रामीण सड़कों के मजबूत नेटवर्क ने सुशासन और आंत्योदय के सपने को पूरा करने का मजबूत आधार दिया है. आज छत्तीसगढ़ के किसान अपने खलिहानों से धान की फसल खरीदी केन्द्रों तक आसानी से पहुंचा रहे हैं. ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से आसानी से राशन पहुंच रहा है. स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में भी सड़कें मददगार साबित हो रही है.

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों से खुला विकास का द्वार: बस्तर के नक्सल प्रभावित जिलों में ये सड़के नक्सल उन्मूलन की दिशा में सार्थक सिद्ध हो रही है. दूरस्थ नक्सल प्रभावित जिलों में लगभग 12,459 किलोमीटर लंबाई की सड़के बनाई गई है. इससे 3,853 बसाहटें भी मुख्यधारा से जुड़ी, जिससे इन क्षेत्रों में आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था को नया आयाम मिला है.

पीएम मोदी ने की छत्तीसगढ़ की सड़कों की तारीफ: राज्योत्सव के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश में सड़कों की सराहना करते हुए कहा “मैं राज्य निर्माण के पहले भी छत्तीसगढ़ आया करता था. उस समय गांवों तक पहुंच पाना बहुत मुश्किल होता था. कई गांवों में सड़क थे ही नहीं, 25 वर्षों में राज्य ने बहुत तरक्की की है. आज राज्य में 40 हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी सड़कों का जाल गांव गांव तक फैल गया है.

उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ का हर गांव अब सड़क से जुड़ रहा है. सीएम विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ लगातार आगे बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि चौथे चरण में जनजातीय क्षेत्रों और विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल गांवों में 8 हजार किलोमीटर से ज्यादा सड़कें बनाए जाने की योजना है. धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना और आकांक्षी जिलों की बसाहटों में सड़कें प्राथमिकता से बनायी जाएंगी.

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