Mandla CMO Bribe Trap: मंडला में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई; 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया CMO गजानन नाफड़े
मंडला। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने मंडला नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) गजानन नाफड़े को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ ट्रैप किया है। यह कार्रवाई पीड़ित ठेकेदार की शिकायत और लोकायुक्त द्वारा कराए गए गोपनीय सत्यापन के बाद की गई। लोकायुक्त की इस अचानक कार्रवाई से नगर पालिका परिसर में हड़कंप मच गया। ट्रैप के तुरंत बाद टीम आरोपी सीएमओ को सर्किट हाउस ले गई, जहाँ आगे की वैधानिक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की गई।
💡 बिल भुगतान के एवज में मांगी थी 4 लाख की घूस: 15 लाख रुपये का भुगतान था पेंडिंग
पूरा मामला नगर पालिका में कराए गए विकास कार्यों एवं सामग्री सप्लाई के लंबित बिलों के भुगतान से जुड़ा हुआ है।
जबलपुर निवासी ज्ञानचंद बेन शासकीय पंजीकृत ठेकेदार हैं, जबकि उनकी पत्नी मंजू बेन के नाम से ‘एमएस पलक बेन’ फर्म रजिस्टर्ड है। शिकायत के अनुसार, इस फर्म के जरिए वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में मंडला नगर पालिका में एलईडी लाइट व फिटकरी सप्लाई का काम किया गया था, जबकि ज्ञानचंद बेन ने स्वयं पाइप जॉइंट और वाटर कूलर सप्लाई का कार्य किया था। पत्नी की फर्म का करीब 39 लाख 23 हजार रुपये का भुगतान हो चुका था, लेकिन ज्ञानचंद का स्वयं का लगभग 15 लाख रुपये का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ था। आरोप है कि इसी पेंडिंग बिल को पास कराने के एवज में सीएमओ गजानन नाफड़े ने 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
🕵️ शिकायत का सत्यापन कर लोकायुक्त ने बिछाया जाल: पहली किस्त लेते ही अधिकारी दबोचा गया
रिश्वत की मांग से परेशान होकर ठेकेदार ने जबलपुर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से शिकायत दर्ज कराई।
लोकायुक्त टीम ने आरोपों की प्राथमिक जांच कर सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद लोकायुक्त ने आरोपी अधिकारी को रंगेहाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई। बातचीत के दौरान 4 लाख रुपये की कुल रिश्वत में से पहली किस्त के रूप में 2 लाख रुपये देना तय हुआ। शुक्रवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ठेकेदार 2 लाख रुपये लेकर नगर पालिका कार्यालय स्थित सीएमओ के कक्ष में पहुंचा और नकदी सौंपी, वैसे ही मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगेहाथ धर दबोचा।
📜 सर्किट हाउस में दस्तावेजों की जांच: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
CMO के ट्रैप होते ही नगर पालिका के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त की टीम आरोपी सीएमओ को तत्काल सर्किट हाउस लेकर पहुंची। वहां पंचनामा तैयार करने के साथ-साथ भुगतान फाइलों, सप्लाई ऑर्डर और रिश्वत के पैसों से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज जब्त किए गए। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, आरोपी सीएमओ गजानन नाफड़े के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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