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Gangrel Dam All 14 Gates Open: उफान पर गंगरेल बांध का मनोरम दृश्य देखने उमड़े लोग; प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट

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धमतरी। जिले में पिछले कई घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश और कैचमेंट एरिया (जलभराव क्षेत्र) से लगातार हो रही पानी की भारी आवक के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लगातार हो रही बारिश की वजह से धमतरी जिले का प्रमुख गंगरेल बांध (रविशंकर सागर जलाशय) सहित सोंढूर, दुधावा और मुरूमसिल्ली (माडमसिल्ली) बांध भी 100 प्रतिशत तक भर चुके हैं। बांधों में बढ़ते जलस्तर और पानी के भारी दबाव को नियंत्रित करने के लिए जल संसाधन विभाग ने जल निकासी की प्रक्रिया तेज कर दी है।

🚨 गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोले गए: महानदी में छोड़ा जा रहा ढाई लाख क्यूसेक पानी

गंगरेल बांध के जलभराव क्षेत्र में हो रही वर्षा से पानी की आवक लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते बांध के सभी 14 स्पिलवे गेट खोल दिए गए हैं।

इन गेटों के जरिए लगभग 2.5 लाख (ढाई लाख) क्यूसेक पानी प्रति सेकंड महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है। इतनी विशाल मात्रा में पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर तेजी से उफान पर आ गया है, जिससे तटीय व निचले ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम मौके पर तैनात होकर स्थिति की पल-पल निगरानी कर रही है।

💧 जिले के चारों प्रमुख बांधों में 100 फीसदी जलभराव: सोंढूर, दुधावा और मुरूमसिल्ली से भी पानी की निकासी जारी

केवल गंगरेल ही नहीं, बल्कि जिले के सोंढूर, दुधावा और मुरूमसिल्ली जलाशयों में भी पानी की आवक अपनी क्षमता के अंतिम स्तर तक पहुंच गई है।

तमाम बांधों की सुरक्षा और जल संतुलन बनाए रखने के लिए इन जलाशयों से भी नियंत्रित रूप से पानी की निकासी की जा रही है। इसके परिणामस्वरूप आसपास के सभी छोटे-बड़े नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे तटीय गांवों और निचले रहवासी क्षेत्रों के निवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

🗣️ एसडीओ भाविन देवांगन बोले: ‘कैचमेंट एरिया से पानी की आवक जारी, स्थिति पर रखी जा रही सतर्क नजर’

जल संसाधन विभाग के एसडीओ (SDO) भाविन देवांगन ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया, “कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही वर्षा से जलाशयों में पानी की भारी आवक बनी हुई है।

इसी सुरक्षा मानक को ध्यान में रखते हुए गंगरेल बांध के सभी 14 गेटों को खोलकर ढाई लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। विभाग द्वारा जलस्तर और पानी के प्रवाह पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा परिस्थितियों के अनुसार ही जल निकासी को नियंत्रित किया जा रहा है।”

📸 उफनते पानी का मनोरम और दूधिया दृश्य देखने उमड़ी भीड़: खूबसूरती के साथ बढ़ा दुर्घटना का जोखिम

गंगरेल बांध के सभी 14 गेटों से तेज गति के साथ गिरती जलधारा का नजारा बेहद खूबसूरत और मनोरम नजर आ रहा है।

ऊंचाई से नीचे गिरती सफेद दूधिया जलधारा को देखने के लिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों का हुजूम उमड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्षों बाद गंगरेल बांध का ऐसा अद्भुत दृश्य देखने को मिला है। हालांकि, इस मनोरम दृश्य के साथ ही सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

⚠️ प्रशासन की नागरिकों से अपील: नदी-नालों और जलाशयों के पास जाने से बचें

जलभराव और तेज बहाव को देखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे बांध के गेटों, नदी के किनारों और जलभराव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें। निचले इलाकों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन व आपदा प्रबंधन टीम से संपर्क करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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