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जनता का पैसा, CEO की ‘दबंगई’! छिंदवाड़ा में जनपद CEO की सरकारी गाड़ी पर अवैध सायरन, टोल फ्री कराने पर विवाद

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 छिंदवाड़ा। चौरई जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की सरकारी गाड़ी पर लगे सायरन और टोल नाके पर टोल शुल्क से छूट लेने के मामले ने प्रशासनिक मर्यादा और नियमों के उल्लंघन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा स्वयं नियम तोड़ने पर रोष व्यक्त किया है।

जानकारी के अनुसार, जनपद सीईओ तरुण राहंगडाले की सरकारी गाड़ी पर अवैध रूप से सायरन लगा हुआ था।टोल नाके के कर्मचारियों ने बताया कि गाड़ी पर लगे सायरन और ‘सरकारी’ बोर्ड को देखकर वे इसे उच्च अधिकारी का शासकीय वाहन समझते थे, जिसके कारण बार-बार यह वाहन बिना टोल शुल्क चुकाए पार किया जाता रहा। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यह वाहन आए दिन अपने कार्यक्षेत्र से बाहर घूमता रहा और अधिकारी ड्यूटी समय में निजी कार्यों में व्यस्त रहते थे।

नियमों के उल्लंघन पर उठे सवाल

स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब शासन ने सायरन और विशेष लाइट के उपयोग पर सख्ती से रोक लगा रखी है, तो जनपद सीईओ जैसी जिम्मेदार कुर्सी पर बैठा अधिकारी स्वयं ही नियम तोड़ रहा है, तो आम जनता से नियम पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है? यह कृत्य सीधे तौर पर शासन की गरिमा पर सवाल खड़े करता है।

इस पूरे मामले पर जनपद पंचायत सीईओ तरुण राहंगडाले का कहना है कि “वह शासकीय काम से गए थे। जहाँ तक टोल की बात है, बार-बार जाना पड़ता है इसलिए अब मासिक पास ही बनवा लिया है।” हालाँकि, सायरन के उपयोग और पूर्व में बिना शुल्क पार होने के विषय पर उन्होंने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।

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