भिलाई\दुर्ग: दीपावली और गोवर्धन पूजा के बाद अब छठ महापर्व की तैयारियां पूरे उत्साह के साथ शुरू हो गई हैं. सूर्य उपासना का यह पर्व इस वर्ष 25 अक्टूबर से शुरू होगा. चार दिवसीय छठ पर्व का पहला दिन नहाय-खाय से शुरू होगा, 26 अक्टूबर को लोहंडा और खरना का व्रत रखा जाएगा. 27 अक्टूबर को व्रतधारी भगवान भास्कर को संध्याकालीन अर्घ्य देंगे, 28 अक्टूबर को प्रातःकालीन अर्घ्य के साथ व्रत का पारायण होगा.
सेक्टर 2 में छठ पूजा: दुर्ग जिले में इस पर्व की तैयारियां जोरों पर हैं. भिलाई टाउनशिप का सबसे बड़ा तालाब सेक्टर-2 तालाब छठ पूजा का मुख्य केंद्र रहेगा, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु छठ पूजा पर एकत्रित होते हैं. यहां भक्तों ने बेदी सजाने और रंगाई-पुताई का काम लगभग पूरा कर लिया है. जिन्होंने अभी तक बेदी नहीं बनाई, उन्होंने अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए घाट पर अपने नाम और पते लिख दिए हैं ताकि पूजा के दिन कोई असुविधा न हो. भिलाई नगर निगम और बीएसपी प्रबंधन तालाबों की सफाई युद्ध स्तर पर कर रहे हैं.
मिट्टी की बेदी बनाने की अपील: पार्षद पति हरीश सिंह ने बताया कि तालाबों में पानी भरने का काम भी शुरू हो गया है. 26अक्टूबर तक तालाब में पानी भर दिया जाएगा. श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सीमेंट की जगह मिट्टी की बेदी बनाएं, जिससे पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे. उन्होंने बताया कि इस बार छठ पर्व के दौरान फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी घाट पर मौजूद रहेंगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो. छठ पूजा का यह पर्व सामाजिक एकता और सूर्य उपासना की आस्था का प्रतीक बनकर हर वर्ष की तरह इस बार भी भव्य रूप में मनाया जाएगा.
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