बस्तर ओलंपिक 2025: संभाग के 7 जिलों से 3 लाख 91 हजार 289 खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन, 25 अक्टूबर से मुकाबले
रायपुर: बस्तर ओलंपिक 2025 में अब तक बस्तर संभाग के 7 जिलों से 3 लाख 91 हजार 289 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है. इनमें 1 लाख 63 हजार 668 पुरुष और 2 लाख 27 हजार 621 महिला खिलाड़ी शामिल हैं. बस्तर ओलंपिक 2025 में पंजीयन के बाद विकासखंड स्तरीय मुकाबले 25 अक्टूबर से 5 नवंबर तक होंगे. इसके बाद जिला फिर संभाग स्तरीय खेल होंगे. फिर अलग-अलग खेलों के फाइनल होंगे. बस्तर की खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर लाने की पहल के तहत इसका आयोजन किया जा रहा है.
बस्तर ओलंपिक में ये खेल: प्रतियोगिता में एथलेटिक्स में 100 मी., 200 मी., 400 मी., लम्बी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस-थ्रो, जैवलिन-थ्रो, 4X100 मी. रिले रेस गेम होंगे. इसके साथ ही तीरंदाजी, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन, कराटे, वॉलीबॉल और महिला सीनियर वर्ग के लिए रस्साकसी सहित जिला स्तर पर हॉकी और वेट लिफ्टिंग की स्पर्धाएं होंगी. इसमें न केवल आधुनिक खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा, बल्कि स्थानीय परंपरा से जुड़े खिलाड़ियों को भी मंच मिलेगा.
मन की बात में भी जिक्र: बस्तर ओलंपिक को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इसका जिक्र किया था. बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल आयोजन नहीं है, यह ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का संगम हो रहा है, जहां हमारे युवा अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं और एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं.यह मॉडल पूरे देश में ‘खेल के माध्यम से शांति और विश्वास’ की अनूठी पहल के रूप में देखा जा रहा है.
नक्सल से जुड़ी स्पेशल कैटेगरी भी शामिल: बस्तर ओलंपिक में जूनियर (14-17 साल) और सीनियर वर्ग की कैटेगरी तो है ही साथ ही विशेष श्रेणी भी है. इसमें नक्सल हिंसा से दिव्यांग हुए व्यक्ति और आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी शामिल किया जा रहा है. यह पहल खेल के माध्यम से पुनर्वास, पुनर्जीवन और सामाजिक एकीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है. आत्मसमर्पित नक्सलियों के शामिल होने से बस्तर के विकास को लेकर चल रहे काम में बस्तर ओलंपिक अहम भूमिका निभाएगा.
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