Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Nomadic Elephant 2026: पिथौरागढ़ में भारत-मंगोलिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास, रूम इंटरवेंशन और बोख कुश... Yogi Adityanath Delhi Visit: पीएम मोदी और जेपी नड्डा से मिले सीएम योगी आदित्यनाथ, यूपी चुनाव और संगठ... सोशल मीडिया पर दिखावा पड़ा भारी: यूट्यूबर मधुमिता के घर से ₹1 करोड़ के सोने-हीरे के जेवर चोरी Delhi Festive Preparations: रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पर्व के लिए दिल्ली सरकार ने बनाई 3 विशेष समित... वोटर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हुई बेहद आसान: अब दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, घर आएंगे BLO मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गरमाई सियासत: राहुल गांधी ने साझा किया जिजी थॉमसन का दावा UKSSSC VPDO Scam: 2016 भर्ती घोटाले में हरीश रावत से ईडी ने किए सवाल-जवाब, कांग्रेस ने बताया बदले की... Sambhal News: आचार्य प्रमोद कृष्णम को बब्बर खालसा से जुड़ी धमकी, विदेशी नंबर से ऑडियो कॉल; गृह मंत्र... Roorkee News Today: रुड़की में दोहरे हत्याकांड से सनसनी, गांव में भारी पुलिस बल तैनात; एसएसपी बोले- ... Election Commission Reforms: चुनाव आयोग में पारदर्शिता की नई पहल, SIR प्रोसेस, ECINet और अधिकारियों ...

गाजा में हमास के लिए दोहरी चुनौती: इजरायली हमलों के बाद अब अपने ही लोगों ने उठाए हथियार, आतंकी संगठन में अंदरूनी कलह

29

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति समझौते पर हमास और इजराइल दोनों सहमत हो गए हैं. पहले चरण के तहत बंधकों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इससे फिलहाल हमास पर इजराइली हमले का खतरा कम हो गया है. लेकिन अब वह घर के अंदर भी बढ़ती चुनौतियों का सामना कर रहा है.

पिछले कुछ हफ्तों में गाजा के कई प्रभावशाली कबीले और सशस्त्र समूह हमास के खिलाफ खड़े होने लगे हैं. शांति समझौते के लागू होने के बाद, शुक्रवार से ही हमास और कुछ कबीलों के बीच विभिन्न इलाकों में झड़पें देखने को मिली हैं.

1. अबू शबाब कबीला

अल अरबिया की खबर के मुताबिक राफाह इलाके में रहने वाले यासिर अबू शबाब इस कबीले के प्रमुख नेता हैं और हमास के खिलाफ सक्रिय हैं. उनके अनुसार, उनके समूह ने दर्जनों लड़ाके तैयार किए हैं और उन्हें अच्छी ट्रेनिंग दी जा रही है. हमास ने इस कबीले पर इजराइल के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया है, लेकिन अबू शबाब ने इसे पूरी तरह से नकार दिया है. राफाह के पूर्वी हिस्से में उनके लगभग 400 सशस्त्र सदस्य हैं, लेकिन यह साफ नहीं है कि पूरा कबीला उनके समर्थन में है या नहीं.

2. दाघमाश परिवार

दाघमाश गाजा का सबसे बड़ा और शक्तिशाली कबीला है. यह कबीला हमेशा से हथियारों को अपनी जमीन और परिवार की रक्षा का जरिया मानता रहा है. इस कबीले के सदस्य विभिन्न समूहों जैसे फताह और हमास से जुड़े हैं. मुमताज़ दाघमाश, जिन्होंने पहले “पॉपुलर रेसिस्टेंस कमिटी” की सैन्य शाखा का नेतृत्व किया था, अक्टूबर 2023 के बाद से गायब हैं. पिछले रविवार और सोमवार को हमास और दाघमाश परिवार के बीच गंभीर झड़पें हुईं, जिसमें दोनों तरफ हताहत हुए. हालांकि, मुमताज़ दाघमाश इन झड़पों में शामिल नहीं थे.

3. अल-मुजैदा कबीला

खान युनिस में रहने वाला अल-मुजैदा कबीला भी गाजा का एक बड़ा और प्रभावशाली समूह है. हाल के महीनों में कबीले के सदस्यों और हमास के बीच कई झड़पें हुईं. इस महीने की शुरुआत में हमास ने इस इलाके में उन लोगों को पकड़ने के लिए छापेमारी की, जिन पर हमास सदस्यों की हत्या का आरोप था. इस मुठभेड़ में कई लोग मारे गए. हालांकि, कबीले ने हमास के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हमास ने कुछ लोगों को निशाना बनाने के लिए यह कार्रवाई की.

4. हलास कबीला

गाजा सिटी के शुजाइया इलाके में रहने वाला हलास कबीला भी प्रमुख कबीलों में से एक है. कुछ महीने पहले रामी हलास और स्थानीय नेता अहमद जुनदिया ने मिलकर एक सशस्त्र समूह बनाया जो शुजाइया के इज़राइल नियंत्रित हिस्सों में सक्रिय है. मंगलवार को हमास ने इज़राइली सहयोगी नेटवर्क के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान भारी झड़पों की जानकारी दी, जो शांति समझौते के पांचवें दिन हुई.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.