Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Nomadic Elephant 2026: पिथौरागढ़ में भारत-मंगोलिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास, रूम इंटरवेंशन और बोख कुश... Yogi Adityanath Delhi Visit: पीएम मोदी और जेपी नड्डा से मिले सीएम योगी आदित्यनाथ, यूपी चुनाव और संगठ... सोशल मीडिया पर दिखावा पड़ा भारी: यूट्यूबर मधुमिता के घर से ₹1 करोड़ के सोने-हीरे के जेवर चोरी Delhi Festive Preparations: रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पर्व के लिए दिल्ली सरकार ने बनाई 3 विशेष समित... वोटर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हुई बेहद आसान: अब दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, घर आएंगे BLO मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गरमाई सियासत: राहुल गांधी ने साझा किया जिजी थॉमसन का दावा UKSSSC VPDO Scam: 2016 भर्ती घोटाले में हरीश रावत से ईडी ने किए सवाल-जवाब, कांग्रेस ने बताया बदले की... Sambhal News: आचार्य प्रमोद कृष्णम को बब्बर खालसा से जुड़ी धमकी, विदेशी नंबर से ऑडियो कॉल; गृह मंत्र... Roorkee News Today: रुड़की में दोहरे हत्याकांड से सनसनी, गांव में भारी पुलिस बल तैनात; एसएसपी बोले- ... Election Commission Reforms: चुनाव आयोग में पारदर्शिता की नई पहल, SIR प्रोसेस, ECINet और अधिकारियों ...

‘कातिल हैं पुलिसवाले…’ दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, BJP कार्यकर्ता की मौत के बाद गाजीपुर में आक्रोश, गांववालों ने अफसरों को वापस भेजा

26

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में रुकूनुद्दीनपुर गांव है. इस गांव में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सीताराम उपाध्याय की मौत से कोहराम मचा है. साथ ही पुलिस के प्रति लोगों में काफी गुस्सा है. गांववालों का आरोप है कि बीते 9 सितंबर की रात गांव की समस्याओं को लेकर थाने पर शांति तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे सीताराम को पुलिस ने बर्बरता से लाठियों से पीटा.

घरवालों ने बताया कि 9/10 सितंबर की रात की घटना है. सीताराम अपने साथियों के साथ गांव की समस्याओं को लेकर थाने पर गए. यहां विकास राय की अध्यक्षता में वो थाने के बाहर धरने पर बैठ गए. आरोप है कि उसी रात लगभग 1:30 बजे नोनहरा थाने की पुलिस की ओर से लाइट बंद कर इन सभी लोगों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई लोग घायल हुए. उन घायलों में सीताराम उपाध्याय भी थे, जिनकी गुरुवार सुबह मौत हो गई.

गांववालों ने बताई उस रात की कहानी

गांववालो ने बताया कि पास के ही गांव गठिया में बिजली के पोल को लेकर कुछ समस्या थी. इस समस्या को लेकर गांववालों ने पहले पुलिस से वार्ता की और जब कोई बात नहीं बनी, तब गांववालों ने अपना विरोध जताने के लिए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. इसी बीच, देर रात पुलिस ने इनपर लाठीचार्ज कर दिया.

धरना प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे विकास राय ने बताया कि वे अपने साथियों के साथ पहले थाना अध्यक्ष से मिले. कुछ देर बाद क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद भी मौके पर आए, लेकिन लोगों से कोई बात किए बगैर वह वापस चले गए. उनके जाने के कुछ देर बाद थाना अध्यक्ष अपने उच्च अधिकारियों से संपर्क में मोबाइल से बने हुए थे. अचानक से थाने की लाइट बंद कर सभी को पीटा.

पिटाई के बाद गांव में पुलिस ने दौड़ाया

पीड़ितो ने बताया कि पिटाई के बाद सभी लोगों को गांव में पुलिस ने दो-दो किलोमीटर तक दौड़ाया गया. इसी दौरान सीताराम उपाध्याय भी घायल होकर कहीं गिर पड़े थे, बाद में जब उन्हें होश आया तो किसी तरह अपने घर पहुंचे थे.

सीताराम उपाध्याय के पिता गिरजा उपाध्याय ने बताया कि उनका बेटा बता कर गया था कि वह अपने साथियों के साथ धरना देने जा रहा है. लेकिन जब वह आया तो घायल अवस्था में था. उसकी पीठ,पैर और हाथों पर पिटाई के निशान थे. उन्होंने बताया कि बेटे ने बताया कि पुलिस ने उसकी पिटाई की है, जिसके बाद उन लोगों ने घर पर ही रखकर पास के ही डॉक्टर से इलाज शुरू कराया, लेकिन बीती रात उसकी मौत हो गई है. सभी दोषी पुलिसवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

अधिकारियों को वापस भेजा

घटना की जानकारी होने के बाद थाना अध्यक्ष मोहम्मदाबाद सदर कोतवाली के कोतवाल सहित तमाम पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. लोगों से बात करने का प्रयास किया, लेकिन गांववालों ने पुलिस वालों से किसी भी तरह से बात करने से इनकार करते हुए उन्हें वापस लौटा दिया. वहीं, इस मामले में अभी तक पुलिस और जिला प्रशासन की किसी भी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.