जालंधर : डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने आज बताया कि पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार जालंधर प्रशासन ने हाल ही में हुई भारी बारिश और सतलुज दरिया तथा वेईं नदी के किनारे स्थित घरों को हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता प्रदान करने के लिए बाढ़ राहत मानकों के तहत नियमों के अनुसार 30 लाख रुपये की राशि पहले ही वितरित की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन और मुआवजा अगले कुछ दिनों में भी जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह सहायता राशि जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में वितरित की जा रही है, जिसका उद्देश्य उन्हीं लोगों की मदद करना है जिनके घरों को हाल की बाढ़ से नुकसान पहुँचा है। डॉ. अग्रवाल ने दोहराया कि पंजाब सरकार हर नागरिक के हितों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इस कठिन समय में कोई भी प्रभावित व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे।
डिप्टी कमिश्नर ने भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए शहर के कई हिस्सों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को नकोदर रोड और विशेष रूप से श्री गुरु रविदास चौक के आसपास मरम्मत का काम तुरंत शुरू करने और पानी की सही निकासी के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अन्य बारिश प्रभावित इलाकों में भी सड़कों की मरम्मत बिना देरी के करने के आदेश दिए ताकि लोगों की आवाजाही सुगम हो सके।
इससे पहले डॉ. अग्रवाल ने जिला रेडक्रॉस सोसाइटी का दौरा किया और चल रहे राहत कार्यों का जायजा लिया। दानदाताओं द्वारा इस नेक कार्य में बढ़-चढ़कर योगदान देने पर धन्यवाद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ज़रूरत के समय मानवता की भलाई के लिए किए गए ये नेक और संवेदनशील प्रयास हमेशा याद रखे जाएंगे।
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