Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Pregnant Woman Murder Case: पाटन थाना क्षेत्र के रानीताल पुलिया की घटना, पुलिस ने तीन आरोपियों को कि... Madhya Pradesh Crime & Accident: जिला अस्पताल में घायलों का चल रहा इलाज, पुलिस पेट्रोलिंग टीम की सूझ... Madhya Pradesh Police Action: सीसीटीवी फुटेज आया सामने, जमीन विवाद के चलते ज्योति चौरसिया की हत्या क... Kranti Gaud Bageshwar Dham: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गोल्ड मेडलिस्ट क्रिकेटर को दी बधाई, घुव... Amit Shah Minute-to-Minute Schedule: स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण और डेयरी प्रोडक्ट्स प्लां... MP Politics: "हम दो, हमारे पांच" का नारा देकर सुर्खियों में आए खरगोन-बड़वानी सांसद, जिम की जगह अखाड़... Madhya Pradesh Coal Mines: उमरिया कालरी के इतिहास और रोजगार पर मंडराए संकट को लेकर उग्र हुआ आंदोलन ATRI Campus Bhopal & Dairy Plant: सीएम डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में होगा एमओयू, ड्रोन और एआई तकनीक प... Swami Prasad Maurya Joins INDIA Alliance: राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष ने कांग्रेस दफ्तर म... Bareilly Murder Mystery Solved: भमोरा थाना क्षेत्र के कुड्डा गांव में मां की हत्या का आरोपी दूसरा बे...

MP में किसानों को सिखाया जाएगा पहले धान की पराली व बाद में गेहूं की नरवाई का प्रबंधन, होगा दोहरा लाभ

73

ग्वालियर। ग्वालियर चंबल अंचल में हुई रिकार्ड वर्षा के बीच धान का रकबा लक्ष्य से अधिक बढ़ गया है। इसके साथ ही पराली की समस्या भी डराने लगी है, क्योंकि पिछले साल देश में सबसे अधिक पराली अंचल के श्योपुर और दतिया में जलाई गई थी। बहरहाल, कृषि विभाग ने इस समस्या का समाधान निकाल लिया है।

कृषि विभाग ने किसानों को पराली का प्रबंधन सिखाने की योजना बनाई है। योजना कारगर साबित हुई तो किसानों को दोहरा फायदा होगा। यानी पराली की समस्या का समाधान होगा और बुवाई के लिए खेत की बार-बार जुताई से मुक्ति मिलेगी।

एक बार में ही खेत की पराली समस्या का हल और बीज की बुवाई भी हो जाएगी। यह काम हैप्पी सीडर मशीन से होगा। कृषि विभाग फिलहाल जिले के 250 किसानों को 250 हेक्टेयर जमीन पर हैप्पी सीडर से पराली प्रबंधन व जुताई का तरीका सिखाएगा।

क्या है हैप्पी सीडर मशीन, कैसे होगा पराली की समस्या का हल

हैप्पी सीडर एक आधुनिक कृषि मशीन है, जो खासतौर पर पराली (फसल कटने के बाद बचा हुआ डंठल और पुआल) जलाने की समस्या का समाधान करेगी। हैप्पी सीडर को ट्रैक्टर से जोड़ा जाता है। यह पहले खेत में पड़ी हुई पराली को काटकर साइड में फैला देती है। उसी समय मशीन जमीन में गेहूं या अन्य रबी की फसल का बीज बो देती है। इस तरह बिना पराली जलाए सीधे उसी खेत में अगली फसल की बुआई हो जाती है।

क्या है कृषि विभाग की पूरी योजना

  • स्थानीय कृषि विभाग धान की पैदावार करने वाले अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे 250 किसानों को चिह्नित कर रहा है, जिनके पास कम से कम एक हेक्टेयर जमीन हो। धान की फसल होने के बाद इन किसानों के खेतों में हैप्पी सीडर से सीधे पराली को काटकर, खेत जोतकर गेहूं की बुवाई कराई जाएगी।
  • हैप्पी सीडर मशीन की कीमत 1.5 लाख से 3 लाख रुपये के बीच है। इस पर सरकार 50 प्रतिशत से अधिक सब्सिडी दे रही है। यदि कोई समूह या समिति इसे खरीदता है, तो सब्सिडी और बढ़ जाती है। कृषि विभाग गांव के उन किसानों को हैप्पी सीडर मशीन खरीदने के लिए प्रेरित कर रही है, जिनके पास ट्रैक्टर हैं।

ऐसे होगा किसानों को दोहरा फायदा

  • कृषि विभाग के सहायक संचालक नरेश मीणा बताते हैं कि धान की कटाई के बाद पराली को जलाने या नष्ट करने के लिए खेत को तैयार किया जाता है। इस तरह बुआई से पहले किसानों को दो से तीन बार जुताई करना होती है। हैप्पी सीडर मशीन पराली की कटाई करेगी और साथ ही गहरी जुताई भी कर देगी। इस तरह किसानों का श्रम और खर्च बचेगा। इसका उपयोग गेहूं की कटाई के बाद नरवाई के प्रबंधन में भी किया जा सकता है।
  • हैप्पी सीडर से काटकर खेत की मिट्टी में मिलाई गई पराली एक से डेढ़ महीने में जैविक खाद में बदल जाएगी। इससे किसानों को खेतों में खाद भी कम देना होगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.