Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
"हर घर तिरंगा अभियान: आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों ने फहराया तिरंगा, देशभक्ति के गीतों से गूंजा आंगन... कलेक्टर-एसपी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह पूर्व तैयारियों का लिया जायजा कलेक्टर और एसपी ने परेड ग्राउ... जिला संयोजक ने ली छात्रावास अधीक्षकों की बैठक, शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने के दिए निर्देश आगर-मालवा जिले में जन विश्वास अभियान के तहत 14 अगस्त को बड़ौद के गंगापुर में जन विश्वास शिविर, ग्राम... उज्जैन-आगर मालवा- झालवाड़ राष्ट्रीय राज्यमार्ग (NH-552G) की टेंडर प्रक्रिया को लेकर सांसद महेंद्र सि... सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ...

श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला, ‘शाही ईदगाह’ शब्द बदलने की याचिका खारिज

121

श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़े मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें मांग की गई थी कि अदालत में लंबित मुकदमों की भविष्य की कार्यवाही में ‘शाही ईदगाह मस्जिद’ के स्थान पर ‘विवादित संरचना’ शब्द का इस्तेमाल किया जाए. यह आदेश न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा की एकल पीठ ने पारित किया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर इस तरह के बदलाव की कोई आवश्यकता नहीं है, और आवेदन को खारिज कर दिया गया.

यह आवेदन अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा दायर किया गया था, जो श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर से कथित अतिक्रमण हटाने की मांग करने वाले मूल वाद का हिस्सा हैं. सिंह के आवेदन का समर्थन वादी समेत कई अन्य पक्षों ने भी किया था.

हाईकोर्ट में हो रही है मामले की सुनवाई

श्रीकृष्ण जन्मभूमि से सटे शाही ईदगाह मस्जिद को लेकर 18 मुकदमे वर्तमान में इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष लंबित हैं. इन सभी मामलों को पहले अलग-अलग तौर पर मथुरा की अदालतों में दायर किया गया था, लेकिन मई 2023 में हाईकोर्ट ने इन सभी मामलों को एक साथ जोड़ते हुए अपने पास स्थानांतरित कर लिया था. ये मुकदमे मुख्य रूप से जन्मभूमि परिसर से कथित “अवैध अतिक्रमण” को हटाने की मांग करते हैं.

हाई कोर्ट के इस स्थानांतरण आदेश को मस्जिद प्रबंधन समिति और बाद में उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा, जहां उच्चतम न्यायालय ने कुछ मामलों में अंतरिम रोक भी लगाई.

सर्वे कराने पर सुप्रीम कोर्ट का स्टे

दिसंबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद परिसर का सर्वे कराने के लिए कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने की याचिका को स्वीकार कर लिया था, लेकिन जनवरी 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश के अमल पर स्थगनादेश दे दिया था, जिसे बाद में आगे बढ़ा दिया गया.

मौजूदा फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वादकारी पक्षों द्वारा प्रयुक्त शब्दों में इस स्तर पर कोई बदलाव न्यायोचित नहीं है, और विवादित स्थल को ‘शाही ईदगाह मस्जिद’ के नाम से ही संबोधित किया जाता रहेगा, जब तक कि मुकदमे की अंतिम सुनवाई में अन्यथा कुछ न कहा जाए.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.