प्रयागराज: सांसद चंद्रशेखर आजाद को रोका, भीम आर्मी ने मचाया उत्पाद, गाड़ियां तोड़ीं, आगजनी-पथराव, लगेगा NSA और गैंगस्टर एक्ट
आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद को करछना तहसील के इसौटा गांव जाने से पुलिस के रोके जाने पर रविवार को उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर उत्पात मचाया और पुलिस की चार गाड़ियों, एक निजी बस और राहगीरों की 10 गाड़ियों में तोड़फोड़ की. जिसके बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया. जानकारी के मुताबिक पुलिस उपद्रवियों के खिलाफ NSA और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है.
यमुनानगर DCP विवेक चंद्र यादव ने कहा कि आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के आगमन को लेकर पास के गांव में लोग इकट्ठा हुए थे. उसके बाद उपद्रवियों ने वहां मौजूद पुलिस बल पर पथराव किया और वाहनों में तोड़फोड़ की. फिलहाल अब स्थिति सामान्य है. वहीं चंद्रशेखर को पुलिस फोर्स की मौजूदगी में वाराणसी भेज दिया गया है. वहवाराणसी एयरपोर्ट से आज सुबह 9 बजे फ्लाइट से दिल्ली जाएंगे.
हिरासत में 20 से ज्यादा लोग
विवेक चंद्र यादव ने बताया कि उपद्रवियों के खिलाफ बेहद सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. 20 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है. CCTV फुटेज के जरिए अन्य लोगों की पहचान की जा रही है. उनके खिलाफ NSA और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी.
भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने किया पथराव
डीसीपी ने बताया कि करछना तहसील के इसौटा गांव में सांसद चंद्रशेखर के आने की सूचना थी, जिसको लेकर पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इकट्ठा थे और कार्यकर्ताओं को अपने नेता के नहीं आने की जानकारी मिलने पर कार्यकर्ताओं ने पथराव शुरू कर दिया. उन्होंने बताया कि भीड़ द्वारा डायल 112 नंबर की गाड़ी और एक अन्य गाड़ी को क्षतिग्रस्त किया गया. विवेक चंद्र यादव ने बताया कि पुलिस बल द्वारा स्थिति थोड़ी देर में सामान्य कर ली गई है.
उपद्रवियों को किया जा रहा चिह्नित
अधिकारी के मुताबिक, उपद्रव करने वाले लोगों को चिह्नित किया जा रहा है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. बता दें कि इसौटा गांव के देवीशंकर नाम के व्यक्ति की 13 अप्रैल को आग से झुलसकर मृत्यु हो गई थी. परिजनों का आरोप है कि देवीशंकर की जलाकर हत्या की गई है. नगीना से सांसद चंद्रशेखर पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे थे और वह सर्किट हाउस पहुंचे थे. पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें इसौटा गांव जाने से रोक दिया.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.