भारतीय सिनेमा के इतिहास में ऐसी फिल्में शायद ही बनती हैं, जो सिर्फ़ पर्दे पर नहीं, बल्कि सीधे लाखों दिलों में उतर जाती हैं. आज से 50 साल पहले यानी 30 मई 1975 को रिलीज हुई ‘जय संतोषी मां’ एक ऐसी ही फिल्म थी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा. आज भी जब इस फिल्म का ज़िक्र होता है, तो सिर्फ इस फिल्म के कमाई के आंकड़े नहीं, बल्कि इस फिल्म से जुड़ी उस ‘अभूतपूर्व’ क्रेज को याद किया जाता है, जिसने सिनेमाघरों को मंदिर बना दिया था.
जानकारों का कहना है कि आज शायद ये कल्पना करना मुश्किल होगा, लेकिन ‘जय संतोषी मां’ के दौर में यही हकीकत थी. ये सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि लोगों के लिए आस्था का नया केंद्र बन गई थी.
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