Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

ट्रेन के टॉयलेट में आधे घंटे फंसी रही पत्नी, पति ने कर दिया केस; 3 साल बाद रेलवे करेगा भरपाई

14

तीन साल पहले ट्रेन यात्रा के दौरान हुई असुविधा अब भारतीय रेलवे पर भारी पड़ गई है. मध्य प्रदेश के भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कमी के चलते रेलवे को 40,000 रुपये का हर्जाना अदा करने का आदेश दिया है. मामला अप्रैल 2022 का है, जब एक महिला ट्रेन के शौचालय में आधे घंटे तक फंसी रही थी ओर रेलवे ने कोई मदद नहीं की थी.

भोपाल के रविदास नगर निवासी उमेश पांडे ने यह परिवाद दायर किया था. उन्होंने बताया कि वे 20 अप्रैल 2022 को त्रिकूट एक्सप्रेस की थर्ड एसी बोगी में अपने परिवार सहित कन्याकुमारी से भोपाल लौट रहे थे. यात्रा के दौरान उन्हें कई असुविधाओं का सामना करना पड़ा. बर्थ फटी हुई थी, शौचालय की सीट टूटी हुई थी, और सबसे गंभीर बात यह रही कि उनकी पत्नी शौचालय में गईं तो दरवाजा अंदर से लॉक हो गया और वह करीब आधे घंटे तक अंदर बंद रहीं. अन्य यात्रियों की मदद से किसी तरह उन्हें बाहर निकाला गया.

यात्री ने उपभोक्ता आयोग में किया केस

इस घटना के बाद पांडे ने रेलवे में ऑनलाइन शिकायत की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई, जिसमें उन्होंने कोच की तस्वीरें, टिकट की प्रति और रेलवे को की गई शिकायत और उसके जवाब के दस्तावेज पेश किए

40,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश

सुनवाई के दौरान रेलवे ने यह दलील दी कि टिकट केवल यात्रा का अधिकार देता है, सुविधाएं इसकी गारंटी नहीं होतीं. साथ ही रेलवे ने दावा किया कि मदुरई स्टेशन पर शौचालय की मरम्मत की कोशिश की गई थी, लेकिन ट्रेन को अधिक समय तक रोका नहीं जा सका. हालांकि, आयोग ने रेलवे के इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अधिकार है. आयोग ने रेलवे को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए 40,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश सुनाया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.