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‘आप’ सरकार ने नशे के खिलाफ लड़ाई को और तेज किया – पीड़ितों का नशा छुड़ाने और पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित किया

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नशा छुड़ाओ केंद्रों में बिस्तरों की संख्या 1,500 से बढ़ाकर 5,000 की; प्रत्येक जिले में दवाओं की उचित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी

मुख्य मंत्री की ओर से ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान में किसी भी लापरवाही के लिए सख्त कार्रवाई की चेतावनी

चंडीगढ़, 30 अप्रैल- नशे की लत के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान, मुख्य मंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अब नशे के आदी लोगों का नशा छुड़ाने और उनके पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके लिए नशा छुड़ाओ केंद्रों में बिस्तरों की संख्या 1,500 से बढ़ाकर 5,000 कर दी गई है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य मंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार पहले ही नशा तस्करों को सलाखों के पीछे डालकर नशे की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के साथ-साथ नशे की आपूर्ति श्रृंखला टूट गई है, जिसके परिणामस्वरूप नशा छुड़ाओ और पुनर्वास केंद्रों में पीड़ितों की संख्या बढ़ गई है। इसके लिए नशा छुड़ाओ और पुनर्वास केंद्रों का एक नेटवर्क स्थापित किया गया है ताकि नशे के आदी लोगों को नशा छोड़ने में सहायता प्रदान करके उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया जा सके।

पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत मौजूदा नशा छुड़ाओ और पुनर्वास केंद्रों की क्षमता में काफी वृद्धि की गई है। इसके साथ ही कई नए केंद्र स्थापित किए गए हैं और मौजूदा केंद्रों में सेवा की गुणवत्ता और समग्र माहौल में काफी सुधार किया गया है, जिसमें एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था भी शामिल है। सरकार द्वारा संचालित नशा छुड़ाओ और पुनर्वास केंद्रों में बिस्तरों की संख्या 1,500 से बढ़ाकर 5,000 कर दी गई है।

इसी तरह, ओ.ओ.ए.टी. केंद्रों को अपग्रेड करने के साथ-साथ आवश्यक दवाओं की उचित उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। आवश्यकता के अनुसार नए ओ.ओ.ए.टी. केंद्र भी स्थापित किए गए हैं, जिससे ओ.ओ.ए.टी. केंद्रों की कुल संख्या 529 से बढ़कर 565 हो गई है। अगले कुछ दिनों में पंजाब पुलिस द्वारा नशे से संबंधित गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण करते हुए अपनी कार्रवाई को और तेज किया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में पीड़ितों के ओ.ओ.ए.टी. और नशा छुड़ाओ केंद्रों में आने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि भगवंत सिंह मान ने डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए हैं कि वे व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करें कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी ओ.ओ.ए.टी. और नशा छुड़ाओ केंद्रों में आवश्यक मात्रा में दवाएं, उपकरण और बिस्तर उपलब्ध हों। मुख्य मंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि सेवाओं की गुणवत्ता के उच्च मानकों को बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि इस नेक कार्य में यदि कोई लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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