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खंडवा में बेटी से दुष्कर्म करने वाले कैदी ने जेल में किया सुसाइड, चार दिन पहले मिली थी डबल उम्र कैद की सजा

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खंडवा। मध्य प्रदेश की खंडवा जिला जेल में मंगलवार शाम एक कैदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक कैदी पर 11 वर्षीय सगी बेटी से दुष्कर्म का आरोप था, जिसके चलते उसे वर्ष 2021 में गिरफ्तार किया गया था। चार दिन पूर्व ही जिला न्यायालय ने उसे मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई थी। घटना के समय राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, दिल्ली की टीम जेल में एक अन्य कैदी से मारपीट के मामले की जांच के लिए मौजूद थी। ऐसे में एक कैदी द्वारा आत्महत्या कर लेना जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

कैसे हुई घटना?

मंगलवार को जेल में हुई कैदी के साथ मारपीट की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम पहुंची थी। लगभग उसी समय, बैरक नंबर 2 के पीछे लगे पाइप से लोअर के नाड़े से फांसी लगाकर कैदी ने आत्महत्या कर ली।

मृतक कैदी को 2021 में जावर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। चार दिन पूर्व ही जिला एवं सत्र न्यायालय ने उसे दोहरा आजीवन कारावास (मरते दम तक जेल) की सजा सुनाई थी। ट्रायल के दौरान पीड़िता की बीमारी के कारण मृत्यु हो चुकी थी। जेल प्रशासन की लापरवाही को आत्महत्या का कारण बताया जा रहा है। जेल मैन्युअल के अनुसार, लंबी सजा पाए कैदियों की निगरानी अनिवार्य होती है, लेकिन खंडवा जेल में यह नियमों का पालन नहीं किया जाता। पूर्व में भी जेल में कैदियों से मारपीट और रुपए वसूली के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन प्रशासन लीपापोती कर देता है।

जेल अधीक्षक का बयान

अदिति चतुर्वेदी (जेल अधीक्षक) ने कहा: “मृतक कैदी 2021 से जेल में था और चार-पांच दिन पूर्व ही उसे सजा सुनाई गई थी। उसने लोअर के नाड़े से फांसी लगाई है। घटना की सूचना जेल मुख्यालय को दे दी गई है, और मामले की न्यायिक जांच की जाएगी।”

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