Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

करप्शन और कमीशन बढ़ाने के लिए बजट की सीमा बढ़ा रही सरकार- जीतू पटवारी

29

भोपाल : मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए का बजट पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये जनता को समर्पित सर्वस्पर्शी बजट है। इस बजट में कोई भी नया कर नहीं लगाया गया और न ही किसी भी कर की दर बढ़ाना प्रस्तावित किया गया है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा था हमने सरकार बनाते समय कहा था कि हमारी सरकार बजट को दोगुना करेगी, मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि इस वर्ष का बजट ₹4 लाख करोड़ से भी अधिक का होगा। वहीं कांग्रेस इस बजट का विरोध कर रही है। बजट के दौरान कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉक आउट किया।

बजट बढ़ाकर कर्ज की सीमा बढ़ाएगी सरकार- जीतू पटवारी

बजट को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार 5000 करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है।   मप्र के बजट का सार यह है कि बजट बढ़ाकर कर्ज की सीमा बढ़ाना है, ताकि करप्शन और कमीशन भी बढ़ाया जा सके,  दलित आदिवासी, छात्र के लिए जितना बजट होता है उसका केवल कुछ प्रतिशत खर्च करते हैं ये सरकार का काम है, विज्ञापन और इवेंट का बाजार कैसे बनता है ये इस सरकार ने बता दिया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.