Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
JPSC पेपर लीक मामला: CID ने पूर्व अध्यक्ष खियांगते को लिया हिरासत में, 17वें दिन भी छात्रों का प्रदर... दिल्ली विधानसभा में पेश 2024-25 की CAG रिपोर्ट: सब्सिडी में 172% की बढ़ोतरी, घटकर 3,695 करोड़ हुआ कै... जयपुर में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला: डीप-टेक रोबोटिक कंपनी से सीक्रेट कोडिंग और LiDAR सेंसर च... पेपर लीक के 'Proceeds of Crime' की होगी जांच: ED खंगालेगी पूरा नेटवर्क, NEET-UG मामले में भी जल्द हो... केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले— "राहुल हर दिन बदलते हैं गोलपोस्ट, फैला... मानसून सत्र के अंतिम 2 दिन: छात्र लाठीचार्ज पर चर्चा को तैयार सरकार, क्या JPC को भेजा जाएगा FCRA संश... दिल्ली विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा वक्तव्य, कहा— "First in My Bloodline" हर बेटी के सशक्ति... दिल्ली और झारखंड में छात्रों पर बल प्रयोग पर भड़के राहुल गांधी, राम मंदिर में कथित चोरी पर भी पीएम म... महाराष्ट्र में साइबर अपराधियों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 'ऑपरेशन 1930 साइबर सेफ्टी' के तहत 803 प्रोएक्... ठाणे के कापूरबावडी में करोड़ों की संपत्ति पर अवैध तोड़फोड़ का आरोप: बिना नोटिस कार्रवाई से पीड़ित पर...

मानसून सत्र के अंतिम 2 दिन: छात्र लाठीचार्ज पर चर्चा को तैयार सरकार, क्या JPC को भेजा जाएगा FCRA संशोधन बिल?

1

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में अब केवल दो कामकाजी दिन ही शेष रह गए हैं, जिसके चलते विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक और परिसीमन संविधान संशोधन बिल के भविष्य को लेकर भारी अनिश्चितता व सस्पेंस बना हुआ है।

यद्यपि, सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि वह दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने हेतु पूरी तरह तैयार है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में घोषणा की कि गृह मंत्री अमित शाह स्वयं इस चर्चा का जवाब देंगे। दूसरी ओर, विपक्षी दल छात्र मुद्दे के साथ-साथ राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के विषय पर भी चर्चा कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।

🤝 छात्र लाठीचार्ज पर चर्चा हेतु राजी हुई सरकार, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मुद्दे पर अड़ा विपक्ष

संसदीय कार्यप्रणाली को पटरी पर लाने हेतु आयोजित लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में सरकार ने विपक्ष की प्रमुख मांग स्वीकार कर ली।

सरकार 20 जुलाई को संसद भवन मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई पर चर्चा कराने और गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर हेतु सहमत हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि गृह मंत्री हर प्रश्न का उत्तर देंगे, बशर्ते विपक्ष चर्चा छोड़कर न भागे। हालांकि, समाजवादी पार्टी (SP) सहित अन्य विपक्षी दल राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं व चोरी के मुद्दे पर भी पृथक चर्चा कराने पर अड़े हुए हैं।

🏛️ FCRA बिल पर गतिरोध सुलझाने ‘गिव एंड टेक’ फॉर्मूले की तलाश, JPC को भेजने का विकल्प खुला

उल्लेखनीय है कि सरकार FCRA बिल को इसी सत्र में पारित कराने की पक्षधर है।

इस विधेयक को लेकर ईसाई धार्मिक संगठनों की आशंकाओं को दूर करने हेतु गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में उनके प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की थी। इसके बावजूद कांग्रेस एवं दक्षिण भारत के प्रमुख विपक्षी दल (विशेषकर DMK) इस बिल का कड़ा विरोध कर रहे हैं। BAC की बैठक में FCRA और परिसीमन बिलों पर कोई औपचारिक सहमति नहीं बन सकी। सूत्रों के अनुसार, सरकार DMK और कांग्रेस का रुख नरम करने हेतु FCRA बिल को संसद की संयुक्त समिति (JPC) को भेजने अथवा इसमें जनहित संशोधन करने का विकल्प खुला रख रही है, ताकि परिसीमन बिल पर विपक्ष का सहयोग प्राप्त किया जा सके।

⚖️ कांग्रेस की मांग— FCRA बिल पूरी तरह हो वापस, पीएम मोदी ने शरद पवार गुट के सांसदों से की मुलाकात

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. सी. वेणुगोपाल के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ने संकेत दिया है कि FCRA बिल को समीक्षा हेतु JPC के सुपुर्द किया जा सकता है।

इससे पूर्व प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में केरल के कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर से भेंट की थी। हालांकि, कांग्रेस का रुख स्पष्ट है कि बिल को JPC भेजने के स्थान पर सरकार को इसे पूरी तरह वापस लेना चाहिए। दूसरी ओर, परिसीमन बिल हेतु आवश्यक दो-तिहाई बहुमत जुटाने के क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NCP (शरद पवार गुट) के आठ सांसदों से मुलाकात की है। यद्यपि आधिकारिक तौर पर बैठक का एजेंडा महाराष्ट्र में सूखा राहत बताया गया, किंतु इसे परिसीमन बिल हेतु राजनीतिक समर्थन से जोड़कर देखा जा रहा है।

⏳ क्या शीतकालीन सत्र तक टलेंगे महत्वपूर्ण बिल या बुलाया जाएगा संसद का विशेष सत्र?

सरकारी सूत्रों का दावा है कि परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन को पारित कराने हेतु सरकार के पास आवश्यक दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा उपलब्ध है।

सरकार की रणनीति FCRA बिल को JPC भेजकर विपक्ष के आक्रोश को शांत करने की है, ताकि परिसीमन बिल पर सर्वसम्मति बन सके। चूंकि सत्र का समय अत्यंत सीमित है, अतः यदि आगामी दो दिनों में परिसीमन बिल पारित नहीं हो पाता है, तो सरकार के समक्ष इसे शीतकालीन सत्र तक टालने अथवा इसके लिए विशेष सत्र (Special Session) आहूत करने का विकल्प ही शेष रहेगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.