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‘मेरी बातों पर स्माइल न करे, पूरी सैलरी दे…’ पति मान गया पत्नी का ये शर्त, नहीं हुआ तलाक

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पति-पत्नी के लड़ाई झगड़े तो आपने अक्सर देखे होंगे और उन्हें काउंसलिंग के जरिए सुलझते हुए भी देखा होगा. लेकिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक तलाक का केस सुलझ तो गया, लेकिन इसके लिए पति को पत्नी की अजीबोगरीब शर्त पूरी करने के लिए हामी भरनी पड़ी. तलाक की अर्जी देने वाले पति-पत्नी हाई कोर्ट की तरफ से कराई गई काउंसलिंग के दौरान वापस से एक हो गए.

खास बात यह रही कि पति काउंसलिंग के दौरान बार-बार पत्नी की बातों पर मुस्कुरा रहा था, जिससे पत्नी ने नाराज होकर कहा कि अगर यह मेरी बातों पर मुस्कुराना बंद करें और मुझे पूरा वेतन दें, तो मैं वापस उनके साथ रहने के लिए तैयार हूं. पत्नी की शर्त सुनकर पति ने भी सहमति जता दी और फिर तलाक के दस्तखत करते-करते दोनों पति-पत्नी के दिल आपस में एक बार फिर मिल गए.

2007 में हुई थी शादी

ग्वालियर की रहने वाली एक महिला की शादी मुरैना के रहने वाले व्यक्ति से नवंबर 2007 में हुई थी. शादी के कुछ साल बाद तो दोनों के बीच सब कुछ ठीक रहा, लेकिन बाद में दोनों के बीच घरेलू मुद्दों को लेकर अनबन रहने लगी. बाद में यह अनबन दोनों के बीच बड़े विवाद में बदल गई. इसके बाद 2020 में महिला ने अपने बेटे को लेकर पति का साथ छोड़ दिया और दो बेटियां पति के पास रह गईं.

इस बीच पत्नी ने तलाक लेने के लिए कानून का दरवाजा खटकाया. पिछले 5 साल से कानूनी लड़ाई लड़ते-लड़ते यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया. इस बीच हाई कोर्ट ने दोनों पति-पत्नी को मिलाने के लिए काउंसलिंग के आदेश दिए. हाई कोर्ट के द्वारा काउंसलिंग कराने पर दोनों पति-पत्नी आमने-सामने बैठे और दोनों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया गया. लेकिन करीब तीन घंटे तक दोनों पति-पत्नी के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर चलता रहा, इस दौरान पत्नी की बातें सुन पति बार-बार मुस्कुरा रहा था, जिसको लेकर पत्नी और नाराज हो गई. बाद में दोनों पति-पत्नी तलाक के लिए भी तैयार हो गए.

इस बीच कुछ ऐसा हुआ कि जो पति-पत्नी तलाक लेने के लिए दस्तखत करने ही वाले थे, वे अचानक ही एक साथ रहने के लिए तैयार हो गए और खुशी-खुशी दोनों के मन मिल गए. दरअसल, जो पत्नी अपनी बात पर पति के मुस्कुराने पर नाराजगी जता रही थी, उनकी तरफ से कहा गया कि पहले तो पति उसकी बातों को सुनकर मुस्कुराएगा नहीं… साथ ही पति उसे पूरा वेतन देगा… वहीं पति ने जो प्लॉट खरीदा है, उसे वह बिना उसकी लिखित सहमति के गिरवी नहीं रखेगा.

पत्नी ने पति के सामने क्या रखी शर्त?

जिस मकान में पति रहता है इस मकान में पति उसे सास के साथ रखेगा. प्लॉट पर मकान बनाने के लिए दोनों साथ मिलकर लोन लेंगे और लोन चुकाने के 3 साल बाद खुद मकान बनाएंगे. काउंसलिंग के दौरान पत्नी के द्वारा बताई गई इन शर्तों को पति ने भी स्वीकार कर लिया. इसके बाद पति-पत्नी एक दूसरे के साथ रहने के लिए एक बार फिर सहमत हुए हैं और 5 साल की कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद दोनों का तलाक होते-होते आखिर में दोनों के दिल के तार एक बार फिर आपस में जुड़ गए हैं. अब दोनों पति-पत्नी एक अप्रैल से एक बार फिर साथ रहकर खुशी खुशी अपना जीवन जिएंगे.

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