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सफाई छोड़ कचरा जला रहे, भले ही खराब हो जाए शहर की “हवा”

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 ग्वालियर। दीपावली के त्योहर पर घरों में हो रही साफ-सफाई के कारण अब कचरे की मात्रा दोगुना से अधिक हो चुकी है। चार दिन पहले कचरे की मात्रा का आंकड़ा 1300 टन को पार कर गया है। हालांकि कचरे की तादाद में अब कमी आई है, लेकिन अब भी संग्रहण पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है। शहर में अब 750 टन औसतन कचरा निकल रहा है। संग्रहण वाहनों द्वारा मासिक औसत से अधिक चक्कर लगाने के बाद भी कचरा ठिए अब भी शहर में नजर आ रहे हैं।

जिन ठियों से कचरा नहीं उठ पा रहा है, वहां सफाईकर्मी इसमें आग लगा रहे हैं। इससे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) खराब होने का खतरा भी मंडरा रहा है। दीपावली पर घरों, बाजारों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में सफाई होने के कारण कचरे की मात्रा में अचानक वृद्धि हुई थी। गत 24 अक्टूबर को 1304 टन कचरा केदारपुर और बरा स्थित लैंडफिल साइटों तक पहुंचाया गया।

अब घरों में साफ-सफाई का काम लगभग खत्म हो गया है, ऐसे में कचरे की मात्रा तो कम हुई है, लेकिन उसका संग्रहण फिर बेटपरी हो रहा है। नगर निगम आयुक्त अमन वैष्णव ने निर्देश दिए थे कि निगम के सभी कचरा कलेक्शन वाहन ज्यादा से ज्यादा चक्कर कचरा ट्रांसफर स्टेशनों पर लगाएं। ऐसे में कचरा वाहनों के फेरे 900 से ऊपर पहुंच गए, लेकिन अब कचरे की मात्रा कम होने के साथ ही मैदानी स्टाफ ने फिर से लापरवाही बरतनी शुरू कर दी है।

इसी का नतीजा है कि मैदानी अमला अब ठियों से कचरा उठाने के बजाय उनमें आग लगा रहा है। सोमवार को ग्वालियर विधानसभा के वार्ड क्रमांक आठ में वीरांगना झलकारी बाई कालेज के पास कचरा ठिए में आग लगा दी गई। इसी प्रकार वार्ड क्रमांक नौ में राजा मंडी पुल के पास भी ठिए से कचरा उठाने के बजाय उसे आग के हवाले कर दिया गया।

कचरा संग्रहण के लिए 233 टिपर लगाए

  • नगर निगम ने वर्तमान में कचरा संग्रहण के लिए 233 टिपर और 97 सेकंडरी वेस्ट वाहन लगा रखे हैं। इसमें ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र में 83 टिपर और 32 सेकंडरी, पूर्व विधानसभा में 86 टिपर और 36 सेकंडरी, दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 64 टिपर और 29 सेकंडरी वेस्ट वाहनों का संचालन किया जा रहा है। हालांकि निगम के अधिकारियों का दावा है कि कचरा संग्रहण की व्यवस्था में पहले से सुधार हुआ है, लेकिन जनसहयोग न मिलने के कारण भी समस्या बनी हुई है। लोग टिपर वाहनों के बजाय अब भी खुले में कचरा फेंक रहे हैं, तो वहीं सफाईकर्मी भी कचरे को आग के हवाले कर रहे हैं।
  • दीपावली के बाद आएगी दिक्कत: दीपावली के दिन सुबह के समय कचरा कलेक्शन हो जाएगा, लेकिन उसके अगले दो दिन तक सफाई कर्मचारी छुट्टी पर रहते हैं। ऐसे में दो दिन तक शहर से कचरा नहीं उठता है। दूज होते ही नगर निगम के अमले के सामने फिर चुनौती खड़ी होगी, क्योंकि शहर की सड़कों पर 800 टन से अधिक कचरा एक बार फिर नजर आएगा। ऐसे में एक बार फिर इस कचरे को उठाने में चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

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