Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bank Strike September 2026 Update: देशव्यापी बैंक हड़ताल से पहले राहत, 27 सितंबर यानी रविवार को खुले... ICRA Report On OMCs: सरकारी तेल कंपनियों को रोज ₹530 करोड़ का नुकसान; इक्रा की रिपोर्ट में बड़ा खुला... Angiography vs Angioplasty: एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी में क्या है अंतर? कार्डियोलॉजिस्ट से समझे... Bhopal News: 50 टन कचरा और कैडमियम-सीसा जैसी धातुएं; गणेश उत्सव के बाद भोपाल के झीलों पर बढ़ा पर्याव... MP High Court On POCSO Act: 'लंबित हैं 14,531 मामले'; मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पॉक्सो केसों में बढ़ोत... Ujjain Bairwa Samaj Dol Samaroh: 24 अखाड़े, 16 झांकियां और रासलीला; उज्जैन में बैरवा समाज ने भव्यता ... Shahdol Elephant Threat: बाणसागर के 25 हाथियों के आतंक से ग्रामीणों को बचाएगी DFO तरुणा वर्मा की नई ... Morena Crime News: मुरैना जेल उप अधीक्षक को 60 हजार के इनामी कल्ली गुर्जर ने दी गोली मारने की धमकी Bageshwar Dham Controversy: 'पर्चे में लिखा था बेटा होगा, हो गई बेटी'; बागेश्वर धाम सरकार के दावे पर... Sugar Breath 4.0 Device Patent: सूश्रुत संहिता के सिद्धांत पर बनाई डिवाइस, 'Sugar Breath 4.0' से सेक...

UPSC लेटरल एंट्री: ‘PDA की एकता के आगे झुकी सरकार’, फैसले की वापसी ने विपक्ष में भरा जोश

36

संघ लोकसेवा आयोग (UPSC) की ओर से 17 अगस्त को 45 पदों के लिए लेटरल एंट्री के जरिए भर्ती निकाली गई थी. इसका विज्ञापन जारी होते ही देश में सियासी घमासन छिड़ गया था. विपक्ष के साथ-साथ कई NDA के नेताओं ने भी मोदी सरकार के इस फैसले का विरोध किया. अब केंद्र सरकार ने इस फैसले को वापस ले लिया है.

केंद्र सरकार के इस फैसले पर यू-टर्न लेने के बाद विपक्ष सरकार पर हावी होता दिख रहा है. लेटरल एंट्री का विरोध करने वाली पार्टियां सरकार के इस फैसले के बाद विपक्ष की ताकत का गुणगान कर रहे हैं. उनका कहना है कि अब वक्त आ गया है कि सरकार देश की बात सुनना शुरू करे.

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सरकार लेटरल एंट्री के जरिए बहुजनों से उनका आरक्षण छीन न चाहती है. सीधी भर्ती के फैसले को वापस लेने बाद कांग्रेस प्रवक्ता पवन खैरा ने कहा, “विपक्ष के दबाव में आकर केंद्र सरकार ने यह फैसला वापस लिया, अब वक्त आ गया है कि देश की बात सुनना शुरू कीजिए, क्योंकि देश अब मन की बात विपक्ष के माध्यम से बोलता है.”

विपक्ष के विरोध का असर

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ये साफतौर पर लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेताओं और दूसरे लोगों के विरोध का असर है. वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी नेता अखिलेश यादव ने इस फैसले की वापसी को PDA की एकता के सामने सरकार का झुकना बताया है.

अखिलेश ने एक्स पर लिखा, “UPSC में लेटरल एन्ट्री के पिछले दरवाज़े से आरक्षण को नकारते हुए नियुक्तियों की साजिश आखिरकार PDA की एकता के आगे झुक गई है. सरकार को अब अपना ये फ़ैसला भी वापस लेना पड़ा है. भाजपा के षड्यंत्र अब कामयाब नहीं हो पा रहे हैं, ये PDA में आए जागरण और चेतना की बहुत बड़ी जीत है.

“हमने सबसे पहले उठाया मुद्दा”

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा, “हमने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया और हमने जानकारी दी कि लैटरल एंट्री के बहाने वे (केंद्र) आरक्षण खत्म करना चाहते हैं. हम शुरू से ही कह रहे हैं कि ये लोग आरक्षण के खिलाफ हैं और SC/ST विरोधी हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.