Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी... Gwalior Hospital Scam: भिंड की गर्भवती महिला के परिजनों से दलाल ने ऐंठे 17,000 रुपये; जेएएच प्रबंधन ...

प्रॉपर्टी टैक्स पर सरकार का यू-टर्न, सेल पर जारी रहेगा इंडेक्सेशन

67

केंद्र सरकार ने संपत्ति बिक्री पर लगने वाले कर में नए नियम को बदलाव करके करदाताओं को बड़ी राहत प्रदान की है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त विधेयक में बदलाव करते हुए यू—टर्न ले लिया है. जिसके तहत टैक्सपेयर 23 जुलाई, 2024 से पहले खरीदी गई संपत्ति पर या तो 12.5 फीसदी की बिना इंडेक्सेशन वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (एलटीसीजी) की दर या फिर 20 फीसदी की इंडेक्सेशन वाली दर चुन सकते हैं. केंद्र का यह कदम रियल एस्टेट सेक्टर की ओर से मिली प्रतिक्रिया के बाद आया है.

हितधारकों ने सरकार को आगाह किया था कि रियल एस्टेट में एलटीसीजी टैक्स पर इंडेक्सेशन लाभ हटाने के प्रस्ताव से इस क्षेत्र की वृद्धि प्रभावित होगी. याद रहे कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट 2024 में सरकार ने घर मालिकों के लिए इंडेक्सेशन लाभ खत्म करने का प्रस्ताव रखा था.

लगातार हो रहा था विरोध

बजट 2024 के बाद से ही सरकार की इस घोषणा का सबसे ज्यादा विरोध हो रहा था. एलटीसीजी पर बनाए नए नियमों के तहत सरकार ने टैक्स की दर तो घटा दी थी, लेकिन साथ ही इंडेक्सेशन का लाभ भी खत्म कर दिया था जिसे अब वापस ले लिया गया है. संशोधन के तहत सरकार ने अब नए और पुराने दोनों तरह के टैक्स सिस्टम में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया है. यानी अगर आपको इंडेक्सेशन के साथ 12.5 फीसदी की दर से कम कैपिटल गेन टैक्स लग रहा है तो इसे चुन लें, अन्यथा 20 फीसदी वाला टैक्स चुन लें. देखा जाए तो अब एलटीसीजी टैक्सेशन में भी इनकम टैक्स की तरह नया और पुराना टैक्स सिस्टम बन गया है.

सरकार ने कहा ये…संशोधित प्रस्ताव के मुताबिक, 23 जुलाई, 2024 से पहले मकान खरीदने वाला कोई व्यक्ति या हिंदु अविभाजित परिवार (एचयूएफ) महंगाई के प्रभाव को शामिल (इंडेक्सेशन) किए बिना 12.5 प्रतिशत की नई योजना के तहत कर देने का विकल्प चुन सकता है. इसके अलावा उसके पास पुरानी योजना के तहत इंडेक्सेशन के साथ 20 प्रतिशत कर का विकल्प भी होगा. दोनों विकल्पों में से जिसमें भी टैक्स कम बने, वह उसका भुगतान कर सकता है.

बजट में की गई यह घोषणा वापस ली गई

सरकार की ओर से 2001 के बाद खरीदी गई प्रॉपर्टी की बिक्री पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स की दर को 20 फीसदी से घटाकर 12.5 फीसदी कर दिया गया था. हालांकि, इसमें पहले मिलने वाले इंडेक्सेशन का फायदा हटा लिया गया था. इंडेक्सेशन एक सूचकांक होता है, जिसमें असेट्स की कीमत को महंगाई के हिसाब से समायोजित किया जाता है. इस इंडेक्स को हर साल अपडेट किया जाता है. मान लीजिए आपने कोई प्रॉपर्टी 1970 में खरीदी है तो आपको 2001 की सही कीमत हासिल करने का लाभ मिलेगा, लेकिन नए प्रस्ताव के तहत आप 2001 से लेकर 2024 तक के इंडेक्सेशन का फायदा नहीं उठा पाएंगे.

फायदे-नुकसान भी समझें

अभी तक नई व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया गया था, जिससे कुछ लोगों को तो फायदा था, लेकिन बहुत से लोगों को नुकसान भी हो रहा था. मान लीजिए आपने 2001 में 50 लाख रुपए का कोई घर खरीदा था, जिसे आप 2024-25 के दौरान 2 करोड़ रुपये में बेचते हैं. ऐसे में नई व्यवस्था में आपको इंडेक्सेशन का फायदा नहीं मिलता और आपका कुल मुनाफा 1.5 करोड़ रुपए होता है. नई व्यवस्था के तहत आपको इस पर 12.5 फीसदी यानी करीब 18.75 लाख रुपए का टैक्स चुकाना पड़ता.

वहीं अगर आप इस मामले में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स की पुरानी व्यवस्था चुनते हैं तो अब आपको इंडेक्सेशन का फायदा मिलेगा. इंडेक्सेशन को जोड़कर देखा जाए तो 2024-25 में आपके घर की वैल्यू करीब 1.80 करोड़ रुपए निकलती है, यानी इस घर को 2 करोड़ रुपये में बेचने पर आपको हुआ लॉन्ग टर्म गेन टैक्स 20 लाख रुपए माना जाएगा. इस पर आपको 20 फीसदी का टैक्स चुकाना होगा, जो करीब 14.75 लाख रुपए निकलता है. यानी इस मामले में पुरानी कैपिटल गेन टैक्स व्यवस्था से जाने पर आपको करीब 15.05 लाख रुपए का फायदा होगा.

उदाहरण से समझें

2020 में खरीदी गई प्रॉपर्टी की कीमत : 50 लाख रुपए अगस्त 2024 में प्रॉपर्टी का सेलिंग प्राइस : 1 करोड़ रुपए

पुरानी व्यवस्था के तहत ऐसे निकालें टैक्स

2020 का CII : 289 2024 का CII : 363 खरीद की नई कीमत = 50 लाख x 363 / 289 = 62,80,276 कैपिटल गेंस = 1 करोड़ रुपए – 62,80,276 रुपए = 37,19,723 LTCG टैक्स = 3,719,723 रुपए का 20 फीसदी = 7,43,945

नई व्यवस्था के तहत ऐसे निकालें टैक्स

कैपिटल गेंस = 1 करोड़ रुपए – 50 लाख रुपए = 50 लाख रुपए LTCG टैक्स = 50 लाख रुपए का 12.5 फीसदी = 6,25, 000 नई व्यवस्था में 1,18,945 रु की बचत

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.