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अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट में आया भारी भूचाल, न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में बिकवाली के तूफान से सहमे निवेशक

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न्यूयार्क: अमेरिकी शेयर बाजार यानी वॉल स्ट्रीट में पिछले कई महीनों से जिस बड़े खतरे की आहट महसूस की जा रही थी, वह आखिरकार सच साबित हो गई। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में जैसे ही बाजार खुलने की घंटी ब बजी, बिकवाली का ऐसा जबरदस्त तूफान आया जिसने पूरे वित्तीय बाजार को हिलाकर रख दिया। दिन ढलने के साथ ही बाजार में गिरावट का यह सिलसिला लगातार गहराता चला गया। हालात यह हो गए कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र की दिग्गज और हाई-प्रोफाइल चिप बनाने वाली कंपनी एनवीडिया (Nvidia) से लेकर सबसे सुरक्षित माने जाने वाले वॉलमार्ट (Walmart) तक के शेयर जमीन पर आ गिरे।

AI बबल्स के फूटने के डर से मचा हड़कंप, नैस्डैक 100 इंडेक्स में कोविड महामारी के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट दर्ज

इस भयंकर मंदी की सबसे गहरी मार उन कंपनियों पर पड़ी जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की इस तेज रफ्तार के केंद्र में थीं। इसी साल इन कंपनियों के दम पर शेयर बाजार ने एक के बाद एक नए रिकॉर्ड स्तर को छुआ था। हालांकि, इसके साथ ही यह डर भी लगातार बना हुआ था कि यह एक ऐसा वित्तीय बुलबुला (Bubble) है जो किसी भी क्षण फूट सकता है। गुरुवार को निवेशकों के बीच अचानक बाजार से बाहर निकलने की होड़ मच गई। कारोबार की समाप्ति तक नैस्डैक 100 इंडेक्स 6 फीसदी से ज्यादा लुढ़क चुका था, जो मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के शुरुआती दौर के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है। केवल एक दिन की इस बड़ी गिरावट में नैस्डैक से 2.3 ट्रिलियन डॉलर की भारी-भरकम मार्केट वैल्यू साफ हो गई।

टेक शेयरों का निकला पूरी तरह दम, सेमीकंडक्टर इंडेक्स में आई मार्च 2020 के बाद की सबसे बड़ी ऐतिहासिक टूट

इस बाजार व्यापी सुनामी का सबसे बुरा असर तकनीकी शेयरों पर देखने को मिला है। अमेरिकी टेक कंपनियों के प्रमुख सूचकांक नैस्डैक (Nasdaq) में करीब 6 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा S&P 500 इंडेक्स 4 फीसदी नीचे आ गिरा, जबकि डाउ जोन्स (Dow Jones) भी 3 फीसदी की कमजोरी के साथ बंद हुआ। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सेमीकंडक्टर इंडेक्स करीब 11 फीसदी तक टूट गया, जो मार्च 2020 के बाद से इस सेक्टर की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी एनवीडिया के शेयरों में 9 फीसदी से अधिक की बड़ी गिरावट आई, जो जनवरी 2025 के बाद से कंपनी का सबसे खराब दिन है। इस एक झटके ने कंपनी की इस साल की अब तक की पूरी बढ़त को शून्य कर दिया। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में शामिल सभी 30 कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए।

राजनीतिक बदलाव और डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत से सहमे निवेशक, नीतियों में सख्ती आने की जताई जा रही है आशंका

बाजार में आई इस भारी-भरकम बिकवाली के पीछे अमेरिकी कांग्रेस के चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत को मुख्य वजह माना जा रहा है। निवेशकों के मन में यह बड़ा डर बैठ गया है कि इस राजनीतिक फेरबदल के कारण सरकारी नीतियां सख्त हो जाएंगी, जिससे AI इंडस्ट्री की तेज रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग सकता है। गौरतलब है कि अभी तक इस सेक्टर के कंप्यूटर हार्डवेयर और उपकरणों में सैकड़ों अरब डॉलर का भारी-भरकम निवेश किया जा रहा था। अमेरिकी मतदाताओं ने गैस के महंगे दामों के अलावा टेक्सास जैसे विभिन्न राज्यों में तेजी से बन रहे AI डेटा सेंटर्स के स्थानीय प्रभावों से नाराज होकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को तगड़ा झटका दिया है।

नए डेटा सेंटर्स के निर्माण को लेकर हो रहा कड़ा विरोध, बिजली और पानी की भारी खपत ने खड़े किए गंभीर पर्यावरणीय सवाल

दरअसल, आधुनिक AI तकनीक को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विशालकाय डेटा सेंटर्स की आवश्यकता होती है। पिछले कुछ समय से इन नए डेटा सेंटर्स के निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर तीखा विरोध देखने को मिल रहा है। इसके मुख्य रूप से तीन बड़े कारण सामने आए हैं—पहला, बिजली की तेजी से बढ़ती हुई खपत जिससे आम नागरिकों पर बिजली का बिल और बोझ बढ़ रहा है; दूसरा, पानी का अत्यधिक उपयोग जो सीधे तौर पर पर्यावरण से जुड़े गंभीर संकट पैदा कर रहा है। इन्हीं स्थानीय विरोधों के चलते अब निवेशकों को यह चिंता सताने लगी है कि भविष्य में AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की गति धीमी पड़ सकती है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव नतीजों को ठहराया जिम्मेदार, अमेरिकी नागरिकों को दी रिटायरमेंट फंड घटने की चेतावनी

शेयर बाजार में मचे इस हाहाकार पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस भारी गिरावट के लिए सीधे तौर पर हालिया चुनाव परिणामों को जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप ने लिखा कि चुनाव नतीजों की वजह से अमेरिकी शेयर बाजार को इतिहास के सबसे काले और बुरे दिनों में से एक का सामना करना पड़ा है, जिसे देखना बेहद दुखद है। उन्होंने अमेरिकी नागरिकों को आगाह करते हुए कहा कि इस मंदी की वजह से उनके 401(k) यानी रिटायरमेंट फंड की गाढ़ी कमाई भी कम हो गई है।

2008 की मंदी की यादें हुईं ताजा, निवेशकों ने सुरक्षित ठिकानों और सरकारी बॉन्ड्स की तरफ मोड़ा अपना रुख

वित्तीय विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की एकतरफा गिरावट ने वर्ष 2008 के हाउसिंग संकट और वर्ष 2001 के डॉट-कॉम (इंटरनेट) बबल के फूटने की दर्दनाक यादें ताजा कर दी हैं। बाजार का पूरा फोकस केवल एक ही थीम यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित था, जिसके टूटने से निवेशकों में घबराहट फैल गई है। बाजार के डर को मापने वाला प्रमुख इंडेक्स VIX में भारी उछाल आया है। जोखिम भरे शेयरों से पैसा निकालकर निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सरकारी बॉन्ड्स (Treasuries) की तरफ तेजी से रुख करना शुरू कर दिया है।

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