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मौत के बाद जमीन भी नसीब नहीं…परिजनों ने खेतों में पानी के बीच किया अंतिम संस्कार

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विदिशा: विदिशा जनपद और विदिशा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत सोथार में एक दिल झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां 75 वर्षीय विश्वकर्मा समाज की महिला का देहांत होने के बाद उनकी अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार की क्रिया काफी दिल दुखाने वाली रही।

दरअसल गांव में मुक्तिधाम ना होने के कारण यह स्थिति बनी, बारिश के मौसम में इस गांव में जहां लोगों का जीना मोहाल है, मरना भी मुश्किल हो गया है। उसे अंतिम यात्रा में शरीर छोड़ने को लेकर की जाने वाली अंतिम प्रक्रिया और अग्नि संस्कार की प्रक्रिया में कई कष्ट और झेलना पड़ रहे हैं।

दरअसल 75 वर्ष की बुजुर्ग के देहांत के बाद उनकी अंतिम क्रिया के लिए मुक्तिधाम ना होने पर एक खेत को इस कार्य के लिए चुना गया। उस स्थान पर पहुंचने के लिए भी मृतक के परिवार के सदस्यों और ईष्ट मित्रों को अन्य खेतों में पानी भरा हुआ है। उस से होते हुए गुजरना पड़ा। उसके बाद कहीं जाकर जमीन पर जो खेत के बीच में थी उस पर अंतिम क्रिया की गई।

गनीमती रही कि इस दौरान बारिश नहीं हुई, लेकिन परिवार के सदस्य और ग्रामीण उस स्थिति से निपटने के लिए भी तिरपाल अपने साथ लेकर गए थे ताकि जब अग्नि संस्कार करने के दौरान यदि बारिश होती है तो चिता को तिरपाल से ढका जा सके। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है।

इसको लेकर कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य ने तुरंत ही राजस्व अधिकारी को मौके पर भेज कर मामले की तफ्तीश करने और जो भी सहूलियत के हिसाब से व्यवस्था है उसे करने के लिए कहा है। इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस के प्रदेश सचिव रहे रवि साहू का कहना है कि 18 साल मुख्यमंत्री रहने वाले शिवराज सिंह चौहान इस क्षेत्र से पूर्व में भी सांसद रहे हैं। वर्तमान में केंद्रीय मंत्री हैं वहीं उनके खाते में भाजपा के विधायक मुकेश टंडन भी यहां से अभी विधायक हैं, बावजूद इसके यहां जो दिल दुखाने वाली तस्वीर सामने आई है उसके लिए भाजपा सरकार ही जिम्मेदार है।

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