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मैनेजर के घर चोरी करने घुसे, वो जाग गया तो कर दी हत्या और लाश चूने के भट्टे में फेंक दी

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कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में लाइम स्टोन कंपनी के मैनेजर की हत्या के मामले में पुलिस ने शनिवार को बड़ा खुलासा किया है। घर में घुसे चोरों ने मैनेजर के जागने के पर उसे मार दिया था। इसके बाद सबूत छिपाने के लिए शव को चूने के भट्टे में फेंक दिया।

कटनी के कुठला थाना इलाके के कछगवां गांव में सिमको लाइम स्टोन कंपनी के मैनेजर 55 वर्षीय समनू विश्वकर्मा का शव भट्टे में अधजला मिला था। पुलिस ने इस मामले में जब जांच शुरू की तो चार युवकों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने चोरी और हत्या की वारदात कबूल कर ली।

आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वे रात में चोरी करने के लिए घुसे थे, उसी दौरान मैनेजर नींद से जाग गया और उन्हें देख लिया। वो शोर ना मचा दे इसलिए उसको पकड़कर मार दिया। हत्या के बाद आरोपित डर गए थे, उन्होंने लाश को ठिकाने लगाने के लिए उसे सिमको कंपनी के भट्टे में ही उसे फेंक दिया।

पुलिस ने बनाई अलग-अलग जांच टीमें

मैनेजर का अधजला शव भट्टे में मिलने के बाद पुलिस ने हत्या की जांच के लिए अलग-अलग टीमें बनाई थी। घर में एक कमरे में नोट बिखरे मिले और वहीं खून के छींटे भी मिले।

पुलिस ने पूछताछ के आधार पर कंपनी के नजदीक रहने वाले संदेही आशीष सिंह ठाकुर, रंजीत सिंह, विनोद सिंह और सनम सिंह को पकड़ा और उनसे पूछताछ की। जिसमें आशीष ने अपने तीनों साथी के साथ मिलकर हत्या करना कबूल किया।

चोरों को पता था किस दिन मजदूरी देता है मैनेजर

आरोपितों ने बताया कि बुधवार व गुरुवार को मैनेजर समनू विश्वकर्मा मजदूरों की मजदूरी का भुगतान करता था। जिसके चलते उन्होंने गुरुवार की रात को घुसकर चोरी करने की योजना बनाई। रात को एक बजे आशीष बाउंड्री कूदकर अंदर पहुंचा और मैनेजर के कमरे में घुस गया था।

इस बीच समनू की नींद खुल गई। उसने रोका तो पीछे से विनोद पहुंच गया और दोनों ने लाठी से हमला कर दिया। बाकी दो आरोपित बाहर खड़े थे। मैनेजर ने भागने का प्रयास किया तो दोनों ने पकड़कर तकिया से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी।

इसके बाद उन्होंने चाबी निकालकर अलमारी में रखे लगभग एक लाख रुपये निकाल लिए। चोरी करने के बाद मैनेजर की लाश को ठिकाने लगाने के लिए वो उसे लेकर चिमनी के पास पहुंचे और भट्टे में फेंक दिया और भाग गए।

आरोपितों ने मां को दी थी घटना की पूरी जानकारी

पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया कि आशीष व रंजीत ने घटना की जानकारी अपनी मां बृजरानी सिंह को दी थी। आरोपितों ने 20 हजार रुपये भी उसे दिए थे। पुलिस ने महिला को भी सह-आरोपी बनाया है। आरोपितों के पास से चुराए गए 60 हजार रुपये भी जब्त कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।

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