Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Congress Election Result: अभिषेक चौधरी को मिले सबसे ज्यादा 6.15 लाख वोट, राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक... Rajasthan Kinnar House Theft: पुरानी रंजिश की आशंका के तहत पुलिस कर रही जांच, अज्ञात आरोपियों की तला... Chimur Ashramshala Controversy: डैंड्रफ की समस्या के नाम पर छात्रों के साथ अजीब सलूक, वायरल तस्वीरों... BJP vs Shinde Sena: नागपुर में बीजेपी के सामने बागी पूर्व विधायक की चुनौती, सीटों के बंटवारे के बाद ... Ulhasnagar Mahayuti Crisis: महाराष्ट्र में महायुति में पड़ी फूट! बीजेपी ने शिंदे सेना से अलग होने का... CM Vishnu Deo Sai Singapore Visit: छत्तीसगढ़-सिंगापुर साझेदारी से खुलेंगे विकास के नए रास्ते, ग्रीन ... Chhattisgarh PMAY Success: छत्तीसगढ़ में बिना सरकारी खर्च के मिली 25,413 आवासों के लिए जमीन, केंद्र ... Kanker Divyang Camp: जगदलपुर में 7 अक्टूबर को लगेगा निःशुल्क दिव्यांग शिविर, कलेक्टर कुन्दन कुमार ने... Raipur Police Reshuffle: मुख्यमंत्री और राजभवन सुरक्षा में बदले गए अधिकारी, गृह विभाग ने जारी किया न... Sahibganj Murder Mystery Solved: साहिबगंज में गौरचंद्र बागती हत्याकांड का खुलासा, चचेरा भाई ही निकला...

पति – पत्नी के बीच विलेन बन गए मायके के लड्डू , 5 महीने से दोनों रह रहे थे अलग, लोक अदालत में फिर हुए एक हुए..

46

पति – पत्नी के बीच विवाद के आपने अभी तक कई कारण सुने होंगे लेकिन दमोह जिले में एक अलग ही मामला सामने आया है। दमोह में एक पत्नी पत्नी के बीच मायके के लड्ड् विलेन बन गए। यह पूरा मामला इमलाई गाँव का है। जहां इमलाई निवासी पति नारायण पटेल और पत्नी के बीच बीते पांच माह से विवाद चल रहा था। विवाद की वजह बने मायके के लड्डू थे। दरअसल दमोह के इमलाई निवासी नारायण और उसकी पत्नी में यूं तो अक्सर नोकझोंक चलती रहती थी और वैवाहिक जीवन के 22 साल निकल गए।

संक्रांति पर पत्नी करने लगी मायके जाने की जिद ..

14 जनवरी 2024 को पत्नी मायके जाकर संक्रांति के लड्डू खाने जिद करने लगी। पति ने पत्नी को समझाने का काफी प्रयास किया और पति ने कहा कि वह खुद उसे कुछ दिन बाद मायके लेकर जाएगा लेकिन पत्नी पति की सुनने को तैयार नहीं थी और विवाद करते हुए वहां से अपने मायके घर चली गई। 5 महीने बीत गए पत्नी वापस नहीं आई , जबकि नारायण ने पत्नी को घर वापस लाने के लिए कई बार प्रयास किया। लेकिन बात ना बन सकी।

पति ने कहा कि वह पत्नी को साथ रखना चाहता है ..

इसके बाद नारायण न्यायालय पहुंच गया और एक आवेदन लगाया कि पत्नी को साथ में रखना चाहता है। इसके बाद इस मामले को लोक अदालत में शिफ्ट कर दिया गया। कुटुंब न्यायालय प्रधान न्यायाधीश अंजनी नंदन जोशी ने दोनों की बात सुनी और उन्हें समझाया तब वह मान गए। दोनों ने एक दूसरे के गले में माला पहनाई और दोनों पति-पत्नी खुशी-खुशी अपने घर के लिए रवाना हो गए। आपको बता दें कि दोनों के तीन बच्चे हैं। लेकिन मायके के लड्डू के करण दोनों के बिगड़े मामले को सुलझाने में पांच महीने खराब हो गए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.