Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

जनकल्याण के लिए महाकाल मंदिर में आज से महारुद्राभिषेक

58

उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में रविवार (आज) से छह दिवसीय महारुद्राभिषेक का शुभारंभ होगा। मंदिर के पुजारी नंदी मंडपम् में अनुष्ठान का आयोजन करेंगे। पुजारियों के अनुसार परिसर में होने वाला सोमयज्ञ हवनात्मक अनुष्ठान है। इसमें जनकल्याण के लिए भगवान महाकाल से अभिषेकात्मक प्रार्थना की जाएगी।

यह अनुष्ठान पांच से 10 मई तक प्रतिदिन सुबह 11 से दोपहर दो बजे तक मंदिर के पुजारी एवं पुरोहितों के माध्यम से संपन्न होगा। इसमें कुल 22 ब्राह्मण सम्मिलित होंगे। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति सदस्य पं. राम शर्मा ने बताया कि वातावरण की शुद्धि, सुवृष्टि, पर्यावरण में संतुलन तथा समाज कल्याण के लिए यह सोमयज्ञ हो रहा है। मंदिर के पुजारी, पुरोहित इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए नंदी मंडपम् में बैठकर भगवान महाकाल से अभिषेकात्मक प्रार्थना करेंगे।

समिति सदस्यों ने रखा था प्रतिमाह रुद्राभिषेक का प्रस्ताव
समिति का कहना है कि उन्होंने प्रबंध समिति की पिछली बैठक में प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की प्रदोष तिथि पर रुद्राभिषेक किए जाने का प्रस्ताव रखा था। इसका शुभारंभ वैशाख कृष्ण प्रदोष पर हो रहा है। मंदिर में अधिक से अधिक हवन, अनुष्ठान होने चाहिए। बता दें कि मंदिर की पूजन परंपरा में केवल शनि प्रदोष के दिन ही रुद्राभिषेक किया जाता रहा है। अगर प्रबंध समिति ने प्रत्येक प्रदोष पर रुद्राभिषेक का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया, तो प्रतिमाह रुद्राभिषेक होगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.