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कांग्रेस अध्यक्ष की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त, प्रताड़ित करने के आरोप का मामला

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जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने युवक कांग्रेस, पन्ना के अध्यक्ष स्वतंत्र प्रभाकर की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दी। मामला पत्नी को प्रताड़ित किए जाने के आरोप से संबंधित है।

हाई कोर्ट ने साफ किया कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए अग्रिम जमानत का आधार नहीं बनता। सुनवाई के दौरान आवेदक के वकील ने दलील दी कि आवेदक के विरुद्ध अपराध नहीं बनता है। लिहाजा, अग्रिम जमानत दी जानी चाहिए।हाई कोर्ट ने साफ किया कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए अग्रिम जमानत का आधार नहीं बनता। सुनवाई के दौरान आवेदक के वकील ने दलील दी कि आवेदक के विरुद्ध अपराध नहीं बनता है। लिहाजा, अग्रिम जमानत दी जानी चाहिए।

राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता व आपत्तिकर्ता के अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत आवेदन का विरोध किया। दलील दी कि आवेदक की पत्नी को हाथ पर हल्की चोटें आई हैं। उसके ऊपर पेट्रोल फेंका गया और जलाने का प्रयास भी किया गया।
आवेदक का आपराधिक इतिहास भी रहा है। इन परिस्थितियों में आवेदक को अग्रिम जमानत पर रिहा नहीं किया जाना चाहिए। हाई कोर्ट ने सभी पक्षों के तर्क सुनने के बाद अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दी।

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