Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Baba Sodal Mela Security Plan: 25 सितंबर को लगेगा बाबा सोढल मेला; सीसीटीवी, बम व डॉग स्क्वाड संभालें... BJP Punjab Drug Free Rally: 'पंजाब के भविष्य की दिशा तय करेगी यह रैली'; अशोक सरीन हिक्की ने 50 एकड़ ... BJP Organizational Appointments: बीजेपी ने पंजाब और चंडीगढ़ के प्रभारी-सह प्रभारी किए नियुक्त; देखें... Poonch Security Alert: पुंछ में एलओसी से सटे गांवों में मिलीं 3 लैंडमाइन; सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन... Jodhpur Chemical Factory Fire: जोधपुर में केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग के बाद ब्लास्ट; आग बुझाने में ... IIT Bombay Student Suicide: परीक्षा केंद्र का CCTV फुटेज आया सामने; साहिल वाकोडे मामले में बड़ा खुला... Bhoramdeo Sugar Factory Award: भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को लगातार दूसरी बार मिला 'नेशनल एफिशिएंस... Jashpur News: जशपुर पुलिस की मिसाल! दिवंगत आरक्षक देव नारायण सिंह के पुत्र को मिला आरक्षक पद का नियु... Korba Crime News: जमीन विवाद में बुजुर्ग चाचा की कुल्हाड़ी मारकर हत्या; अगले ही दिन पत्थर से कुचलकर ... Balod Electricity News: बिना सूचना कट रहे पंचायत कनेक्शन; बालोद में बारिश के बीच सरपंच संघ का बड़ा प...

कुत्तों का आतंक जारी, 24 घंटे में 493 लोग हुए डॉग बाइट का शिकार

37

ग्वालियर। मध्य प्रदेश में इन दिनों डॉग बाइट की खबरे रोजाना समने आ रहीं है। प्रतिदिन कुत्ते के काटने से कई पीड़ित इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल पहुंच रहें है। सबसे ज्यादा डॉग बाइट के मामले ग्वालियर जिले से आ रहे है। यहां पिछले 24 घंटे में 493 लोग डॉग बाइट का शिकार हुए है। जिसमें शिकार हुए 213 पीड़ित जिला अस्पताल मुरार पहुंचे, 160 जयारोग्य अस्पताल, 120 लोग सिविल हॉस्पिटल हजीरा पहुंचे है।

वहीं नगर निगम का दावा है कि वह अस्थाई तौर पर डॉग्स को पकड़ने का सेंटर शुरू कर दिया है, जब तक बर्थ कंट्रोल का टेंडर नहीं हो जाता है। तो वहीं दूसरी ओर आम आदमी परेशान है, वह कह रहा है। गली मोहल्लों में कुत्तों का आंतक है। वे सबसे ज्यादा बुजुर्ग ओर बच्चों को अपना शिकार बना रहे है।

आपको बता दें कि ग्वालियर में चौक-चौराहे और गली-मोहल्ले हर जगह आवारा कुत्तों के झुंड मिल जाते हैं। जो पल भर में ही लोगों पर हमला कर देते हैं। यही वजह है कि लोग अपने बच्चों को घरों से अकेले नहीं निकलने दे रहे हैं। पिछले दिनों जिला प्रशासन द्वारा निगम के सहयोग से एडवाइजरी जारी की गई थी। यह एडवाइजरी रहवासी समितियों व शहर के अन्य लोगों के लिए थी।

इस एडवाइजरी की खास बिंदुओं के अनुसार बच्चों को समझाइश दें कि आवारा श्वानों से समुचित दूरी बनाकर चलें। साथ ही ऐसी फीमेल जिसके पास उसके बच्चे हो, उससे भी दूरी बनाकर रहें। अन्यथा असुरक्षित महसूस करने व अपने बच्चों को बचाने के चक्कर में वह काट सकती है। उन पर पत्थर और लात न मारें। तीव्र ध्वनि के पटाखे से भी वो भौंकते हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.