Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
मंदिर में शिल्पा शेट्टी के फोटो खिंचवाने पर बवाल, सेवादार और एक अधिकारी को नोटिस बाढ़ प्रभावित किसानों के खाते में ₹101 करोड़ जारी… दिवाली पर CM नीतीश कुमार की बड़ी सौगात एनसीआर में मेथ लैब का भंडाफोड़, तिहाड़ जेल वार्डन, मैक्सिकन नागरिक सहित 5 गिरफ्तार दिल्ली में आयुष्मान से बेहतर फरिश्ता, बम से उड़ाने की धमकी पर केंद्र चुप क्यों… AAP का BJP पर हमला गाजीपुर: 65 साल के बुजुर्ग ने लगाई जीत की झड़ी, सेना के पूर्व कैप्टन ने जमाया 9 मेडल पर कब्जा हिजबुल्लाह का नया चीफ बना नईम कासिम, नसरल्लाह की लेगा जगह, दोनों कर चुके हैं साथ काम चमड़े के बैग पर ट्रोल हो रही थीं जया किशोरी, अब खुद दिया ये जवाब जेपीसी की बैठक में क्या हुआ था, जिसके बाद हुई झड़प…कल्याण बनर्जी ने बताई पूरी घटना यूपी उपचुनाव: साइलेंट प्लेयर की भूमिका में कांग्रेस, सपा के लिए सियासी नफा या फिर नुकसान राजस्थान: पुलिया से टकराई बस, 11 लोगों की मौत, 20 से अधिक लोग घायल

लोकसेवा केंद्रों पर 15 जनवरी से फिर शुरू होंगे काम, लोगों को होगी सहूलियत

7
भोपाल। बीते तीन माह से बंद जिले के चार लोक सेवा केंद्रों पर 15 जनवरी से फिर नागरिक सेवाएं बहाल हो जाएंगी। इसके लिए नए ठेकेदारों को काम दिया गया है। इसके लिए 21 दिसंबर को लाटरी से टेंडर खोले गए थे। लेकिन आचार संहिता की वजह से यह प्रक्रिया पिछले तीन माह से अटकी हुई थी। अब नए टेंडर के नियमानुसार लोक सेवा केंद्र संचालक 40 की जगह 20 रुपये प्रोसेसिंग फीस ही ले सकेंगे।

तीन माह पहले बुलाए थे टेंडर

बता दें कि जिला प्रशासन ने कलेक्टोरेट, टीटी नगर, कोलार और बैरसिया के चारों केंद्रों के लिए तीन माह पहले टेंडर बुलाए थे। उस दौरान संबंधित एजेंसियों और लोगों ने 1627 टेंडर जमा किए थे। अब इन्हें 15 जनवरी से काम सौंपा जाएगा। दरअसल जिस समय टेंडर बुलाए गए थे, उस समय राजधानी सहित प्रदेश भर के सभी लोक सेवा केन्द्रों में जमा किए जाने वाले आवेदनों की प्रोसेसिंग फीस 40 रुपए थी। इस बीच ढाई माह पहले शासन ने प्रोसेसिंग फीस घटाकर 20 कर दी गई। इससे लोगों को राहत तो मिल गई है, लेकिन केंद्र संचालकों की मुसीबत बढ़ गई है।

लोकसेवा केंद्र संचालकों को घाटा

राजधानी के कलेक्टोरेट, टीटी नगर, कोलार और बैरसिया लोकसेवा केंद्रों में रोजाना करीब 12 सौ आवेदन आते हैं। इन केंद्रों पर आय, जाति, मूल निवास, खसरा, नक्शा, नकल, नामांतरण, सीमांकन, ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट, सहित दर्जनों सेवाओं के प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। लोकसेवा केंद्रों के संचालकों का कहना है कि उनके लिए यह घाटे का सौदा है। इसके पहले उन्हें 35 रुपए और पांच रुपए जिला ई-गवेर्नेंस सोसायटी को मिलते थे। 35 में रुपए में उन्हें आफिस, बिजली, दस्तावेज, इंटरनेट, कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य खर्च निकालना होता था। यदि उन्हें पहले फीस पता चल जाती तो वो टेंडर ही नहीं भरते। अब यदि टेंडर वापस लेंगे, तो उन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.