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क्यों मनाई जाती है मासिक दुर्गाष्टमी, जानिए महत्व और व्रत कथा

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इंदौर। हर महीने पड़ने वाली मासिक दुर्गाष्टमी का विशेष महत्व होता है। मासिक दुर्गाष्टमी मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। दुर्गाष्टमी के दिन देवी दुर्गा की पूजा और व्रत किया जाता है। इस दिन पूजा और व्रत करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही कर कार्य में सफलता मिलती है। इस बार दुर्गाष्टमी 20 दिसंबर को है। माना जाता है कि इस दिन पूजा के दौरान मासिक दुर्गाष्टमी व्रत की कथा सुनने या पढ़ने से जीवन में चल रहे संकटों से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा घर में सुख-शांति बनी रहती है।

मासिक दुर्गाष्टमी व्रत कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में बहुत शक्तिशाली राक्षस पृथ्वी पर फैल गए और स्वर्ग पर कब्जा करने लगे। उन्होंने कई देवी-देवताओं की हत्या कर दी थी और स्वर्ग में कोहराम मचा रखा था। सबसे शक्तिशाली था महिषासुर राक्षस। इन सबको खत्म करने के लिए भगवान महादेव, जगत के पालनकर्ता भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा ने शक्ति के रूप में देवी दुर्गा की रचना की। सभी देवताओं ने मां दुर्गा को अस्त्र-शस्त्र दिए। इसके बाद, मां दुर्गा पृथ्वी पर प्रकट हुईं। मां दुर्गा ने राक्षसों का संहार किया। इसके बाद, उसी दिन से दुर्गाष्टमी उत्सव शुरू हुआ।

मासिक दुर्गाष्टमी व्रत महत्व

माना जाता है कि मासिक दुर्गा अष्टमी के अवसर पर पूजा और व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन की वर्तमान समस्याओं से राहत मिलती है। मां दुर्गा अपने भक्तों की रक्षा भी करती हैं। इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से जीवन में तरक्की आती है।

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