Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका... अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और ब... IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, जानें किन पुख्ता सबूतों पर कोर्ट ने सु... पूर्णिया में बदल रही गांवों की तस्वीर: PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 281 परिवारों का बिजली बिल हु... हरिद्वार कांवड़ यात्रा में बड़ा हादसा: जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ के 4 कांवड़ियो... संत रविदास के 650वें जयंती वर्ष पर भदोही बना 'संत रविदास नगर', सीएम योगी ने की सांस्कृतिक पुनर्स्थाप... बिहार विधान परिषद में बड़ा उलटफेर: बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, मंत्री दीपक प्रकाश के ... असम के शिलचर में बड़ा हादसा: पानी की टंकी की सफाई के दौरान दम घुटने से 4 लोगों की मौत; इलाके में शोक कटनी में 11 साल पुरानी जर्जर सड़क का केक काटकर मनाया जन्मदिन! कांग्रेस का प्रशासन के खिलाफ अनोखा विर...

महिला को चाकू मारने पर पांच वर्ष का कारावास, मारपीट पर सुनाई सजा

32

जबलपुर। अपर सत्र न्यायाधीश जयशंकर श्रीवास्तव की अदालत ने महिला को चाकू मारने के आरोपित जबलपुर निवासी दिनेश कुमार रैदास का दोष सिद्ध पाया। इसी के साथ पांच वर्ष के कारावास की सजा सुना दी। साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक राजकुमार गुप्ता ने पक्ष रखा।

22 अक्टूबर, 2017 को आरोपित ने दिया था अंजाम

राजकुमार गुप्ता ने दलील दी कि 22 अक्टूबर, 2017 को आरोपित ने ममता राठौर को चाकू मारकर बुरी तरह घायल कर दिया था। यही नहीं बीच-बचाव करने वालों पर भी हमला बोला। इससे सभी लहुलुहान हो गए। यदि समय पर अस्पताल न ले जाते तो मौत हो सकती थी। इसीलिए पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं के अंतर्गत प्रकरण कायम किया। अदालत ने अपराध साबित पाकर सजा सुना दी।

मारपीट पर सुनाई सजा, मिली जमानत

प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी सपना कनोडिया की अदालत ने बेसबाल के डंडे से मारपीट के आरोपित जबलपुर निवासी धर्मेन्द्र उपाध्याय, पुन्नुलाल, दिनेश उर्फ विजय कोरी व रवि चक्रवर्ती का दोष सिद्ध पाया। इसी के साथ एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुना दी। साथ ही एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। हालांकि इस आदेश के विरुद्ध अपील के साथ ही जमानत अर्जी मंजूर कर ली गई। अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी जयवीर सिंह यादव ने पक्ष रखा।

डंडे से बुरी तरह पीटा, इससे काफी चोटें आईं

जयवीर सिंह यादव ने दलील दी कि रांझी थाने में 11 अक्टूबर, 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि आरोपितों ने पीड़ित आकाश काछी को घर से बुलाया। इसके बाद गाली-गलौच शुरू कर दी। विरोध करने पर मारपीट करने लगे। बेसबाल के डंडे से बुरी तरह पीटा। इससे काफी चोटें आईं। इलाज के लिए भर्ती करना पड़ा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.