Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Balod News: कबीरधाम में भारतीय किसान संघ का उग्र प्रदर्शन, 23 सूत्रीय मांगों को लेकर ट्रैक्टरों से क... Chhattisgarh Industrial Fire: भिलाई की फैक्ट्री में कैमिकल ड्रम फटने से लगी आग, बाल-बाल बचे मजदूर Raipur News: शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज, प्रशासन ने पूरी की... Chhattisgarh News: तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन को लेकर सीएम साय का बयान, 'सेवा ज्योति संकल्प' के त... Bastar Development News: सहकारिता मॉडल पर चर्चा के लिए बस्तर पहुंचे विभिन्न राज्यों के सहकारिता सचिव... Nana Patekar Demise: पद्म श्री पुरस्कार विजेता मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन... Kisan Andolan Chhattisgarh: धान के बढ़े दाम और बकाया भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने निकाली ट्रैक्... Dantewada News: दंतेश्वरी मंदिर में नवरात्रि दुकान आवंटन को लेकर व्यापारियों का विरोध, सड़क पर जगह म... Chhattisgarh Crime News: कमिश्नरेट पुलिस ने जब्त किया 1 क्विंटल 27 किलो गांजा, एनडीपीएस एक्ट के तहत ... Cyber Crime Ranchi: APK फाइल डाउनलोड कराकर बैंक खाता खाली करने वाला शातिर गिरोह सक्रिय, FIR दर्ज

भौमवती अमावस्या कब है, नोट करें तिथि, स्नान और दान का शुभ मुहूर्त

45

इंदौर। पंचांग के अनुसार, 12 दिसंबर को भौमवती अमावस्या मनाई जाएगी। इससे मंगलकारी मावस्या भी कहते हैं। इस दिन पूजा-अर्चना करने से पितर प्रसन्न होते हैं और अपने वंशों को आशीर्वाद देते हैं। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान का अलग महत्व है। मान्यता है कि भौमवती अमावस्या पर पूजा कने से पितृ और मंगल दोष दूर हो जाता है।

भौमवती अमावस्या 2023 तिथि (Bhaumvati Amavasya 2023 Date)

भौमवती अमावस्या मंगलवार (12 दिसंबर) को सुबह 06.24 मिनट से शुरू होगी। वहीं, अगले दिन सुबह 05.01 मिनट पर समाप्त होगी।

भौमवती अमावस्या पर स्नान का शुभ मुहूर्त (Auspicious Time For Bathing on Bhaumvati Amavasya)

भौमवती अमावस्या के दिन स्नान का शुभ मुहूर्त 12 दिसंबर की सुबह 05.14 मिनट से लेकर सुबह 06.43 तक रहेगा। वहीं, तर्पण के लिए मुहूर्त दोपहर 11.54 मिनट से दोपहर 12.35 मिनट तक है।

भौमवती अमावस्या का महत्व (Bhaumvati Amavasya Significance)

भौमवती अमावस्या पर स्नान और दान करना चाहिए। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा है। इसके बाद पितरों की याद में तर्पण करना चाहिए। इस वर्ष भौमवती अमावस्या मंगलवार के दिन है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। कुंडली में मंगल दोष खत्म करने के लिए पवनपुत्र की पूजा करना लाभकारी होता है। भौमवती अमावस्या पर श्रद्धा भाव से पूजा करने से सूर्य, देवराज इंद्र और पितरों की कृपा प्राप्त होती है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.