Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Politics: टीएमसी छोड़ने के बाद कोयल मल्लिक को मिला बड़ा राजनीतिक तोहफा, बीजेपी ने दिया राज... दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ सख्ती: ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत CAQM ने रिंग रोड पर चलाया विशेष नि... मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में घमासान: इंडिया गेट पर AAP का विरोध मार्च, सौरभ भ... Amritsar Border Security: अमृतसर में पाकिस्तान के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, एके-47 और हैंड ग्रेनेड ... Delhi VIP Theft News: राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के सरकारी आवास में चोरी, गटर का ढक्कन... मुजफ्फरपुर में पुलिस की शर्मनाक करतूत: अंतरजातीय विवाह से जुड़ी समस्या को लेकर पहुंची महिला को बाल प... Delhi High Court Notice: करोल बाग में मेट्रो निर्माण के लिए पेड़ काटने पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, DDA ... पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) का ऐलान: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मांगे 6 महीने, 'लव जिहाद'... Seoni Murder Case: मध्य प्रदेश के सिवनी में सनसनीखेज हत्याकांड, मां और मामा ने मिलकर की 22 वर्षीय यु... विपक्ष की रैली पर आशीष शेलार का तीखा हमला: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन को बताया ‘लोमड़ियों ...

सपनों के शहर से 450 KM दूर हिंसा-आगजनी और कर्फ्यू का माहौल, बना मराठा आरक्षण आंदोलन का केंद्र

59

मुंबई। महाराष्ट्र में मराठा आंदोलन अब हिंसा का रूप लेने लगा है। मराठा आंदोलन को लेकर हो रही हिंसा की चपेट में अब सत्तारूढ़ दल के विधायक भी आ गए हैं। सत्तारूढ़ दल के विधायक और एक पार्षद के घर को आंदोलनकारियों ने आग के हवाले कर दिया है। यह हिंसा और भड़क गई जब मंगलवार आज सुबह मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर एक 35 वर्षीय व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। अब इस घटना के बाद माहौल और बिगड़ गया है।

आठ जिलों में विरोध प्रदर्शन जारी

बता दें कि नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर पिछले एक सप्ताह में समुदाय के कम से कम पांच युवाओं ने आत्महत्या कर ली है। हम समुदाय के नेताओं और युवाओं से मिल रहे हैं और अपील कर रहे हैं कि वे हिंसा या आत्महत्या जैसे चरम कदमों का सहारा न लें। मराठा क्रांति मोर्चा के समन्वयक ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा, मराठवाड़ा के आठ जिलों में नौ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।

पाटिल ने पुष्टि की कि देशमुख की मौत मराठा आरक्षण मुद्दे से जुड़ी हुई है। मराठा संगठनों के धरने, जो अब 14वें दिन में प्रवेश कर गया है, और पारला गांव में मनयार बांध पर जलसमाधि आंदोलन के बीच क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। मराठा समूहों ने तब तक विरोध वापस लेने से इनकार कर दिया है जब तक कि समुदाय के लिए आरक्षण सहित उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

32 साल पहले हुआ था मराठा आरक्षण आंदोलन

महाराष्ट्र में मराठा लंबे समय से सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की मांग कर रहे हैं। करीब 32 साल पहले मराठा आरक्षण को लेकर पहली बार आंदोलन हुआ था। ये आंदोलन मठाड़ी लेबर यूनियन के नेता अन्नासाहब पाटिल की अगुवाई में हुआ था। उसके बाद से मराठा आरक्षण का मुद्दा यहां की राजनीति का हिस्सा बन गया। महाराष्ट्र में ज्यादातर समय मराठी मुख्यमंत्रियों ने ही सरकार चलाई है, लेकिन इसका कोई हल नहीं निकल सका।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.