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पीएम ई बसों में टिकटिंग की व्यवस्था मेट्रो कार्ड की तरह, अव्यवस्था पर लगाम लगाएगी सरकार

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 दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर जल्द ही बसों में डिजिटल टिकटिंग सिस्टम लागू होने वाला है। यानी दिसंबर के अंत तक डीटीसी और कलस्टर बसों में यात्रा करने वाले यात्री कार्ड से पेमेंट करके टिकट खरीद सकते है। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने इसे लागू करने से संबंधित तैयारियों को तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस वर्ष के अंत तक सरकार की इस सुविधा को लागू करने की योजना है। सरकारी बसों में किराये की पारदर्शी प्रणाली के लिए राज्यों को सरकार मदद देने जा रही है। शहरी परिवहन में शामिल अन्य बसों को भी पारदर्शी टिकटिंग प्रणाली में लाने पर काम किया जा रहा है। शहरी परिवहन के लिए राज्यों को उपलब्ध कराई जा रहीं पीएम ई बसों की एक खासियत यह भी है कि इनमें टिकटिंग की व्यवस्था मेट्रो कार्ड की तरह होगी। इसका उद्देश्य सरकारी बसों में टिकट को लेकर अव्यवस्था की आशंका को समाप्त करना है।

अर्बन मोबिलिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव मनोज जोशी ने प्रभावी किराया संग्रह प्रणाली के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार पूरे देश में कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) को अपनाने के लिए काम कर रही है, जिससे शहरी परिवहन के तमाम माध्यमों को एक साथ लाने में मदद मिलेगी।

मनोज जोशी ने कहा कि

जोशी के मुताबिक, परिवहन प्रणाली को आर्थिक रूप से व्यावहारिक बनाने के लिए अच्छा किराया संग्रह सबसे अधिक जरूरी है। जोशी का यह कहना इसलिए अहम है, क्योंकि राज्यों और नगरीय निकायों में संचालित परिवहन निगमों की बदहाली का सबसे बड़ा कारण यह है कि यात्रियों से किराया संग्रह में सबसे अधिक गड़बड़ी होती है और अन्य समस्याओं के साथ वर्षों से चली आ रही यह गड़बड़ी इन निगमों को सफेद हाथी बना देती है। मनोज जोशी ने कहा कि यात्रियों के लिए सुगम परिवहन के साथ-साथ पैसे की लीकेज रोकने का यही तरीका है कि ज्यादा से ज्यादा कार्ड सिस्टम को अपनाया जाए। राज्यों को इसके लिए हर तरह की मदद दी जाएगी ताकि वे बसों के मौजूदा ढांचे को भी इस लिहाज से सक्षम और पारदर्शी बना सकें।

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