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टिकट वितरण के बाद बागियों का खतरा..! बीजेपी में पंधाना–मांधाता से उठे बगावती सुर, पार्टी को भुगतना पड़ सकता है खामियाजा

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खंडवा। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की वोटिंग का समय काफी नजदीक आता जा रहा है। खंडवा जिले की चारो सीटों पर भाजपा तथा कांग्रेस द्वारा विधानसभा चुनाव को लेकर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गई है। इसके बाद अब दोनों ही राजनीतिक दलों को भीतरघात तथा बागियों का खतरा सता रहा है। खंडवा में जहां कुंदन मालवीय को टिकट दिए जाने का विरोध हुआ तो वहीं भाजपा के दो नेता अब बगावती सुर अपनाते नजर आ रहे हैं।

 पंधाना विधानसभा में भाजपा ने महज ढाई–तीन माह पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आई छाया मोरे को अपना उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद क्षेत्र के आदिवासी बीजेपी नेता चिंताराम जगताप ने बगावती सुर अपना लिए हैं। हालांकि चिंताराम ने खुद निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात तो नहीं की है, लेकिन उन्होंने निर्दलीय को समर्थन देने का एलान जरूर किया है। वही मांधाता में भाजपा ने नारायण पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो 2018 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे। फिर 2020 में बीजेपी के टिकट पर उपचुनाव लड़कर विधायक बने।

इस बार फिर से भाजपा ने नारायण पटेल को टिकट दिया है, इसके विरोध स्वरूप क्षेत्र के भाजपा नेता और पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष संतोष राठौर ने नारायण पटेल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संतोष राठौर ने समर्थकों तथा जनता से बात कर निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात कही है। बता दे कि संतोष राठौर बीजेपी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री भी हैं। अब देखना यह होगा की एन वक्त पर बड़े नेताओं द्वारा बगावत करना कब तक जारी रहता है, क्योंकि अभी नामांकन शुरू हुए है, जो 30 तारीख तक जारी रहेंगे।

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