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आइडीए नहीं बता सका टीपीएस-5 में 10 प्रतिशत से कम ओपन स्पेस क्यों छोड़ा

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इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) को मंगलवार को हाई कोर्ट में बताना था कि कनाड़िया क्षेत्र के लिए घोषित टीपीएस-5 में भूमि विकास नियम के प्रविधानों का उल्लंघन क्यों किया गया। योजना में सार्वजनिक उपयोग के लिए 10 प्रश छोड़नी थी, लेकिन इससे कम भूमि क्यों छोड़ी गई। आइडीए के वकील ने जवाब देने के लिए समय ले लिया। अब सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका प्रदीप हिंदुजा ने एडवोकेट मुदित माहेश्वरी के माध्यम से दायर की है। याचिका में कहा है कि भूमि विकास नियम के प्रविधानों के तहत आयडीए को टीपीएस-5 में 10 प्रतिशत भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए खुली रखना थी लेकिन ऐसा नहीं किया। आयडीए ने सिर्फ 5 प्रतिशत भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए खुली छोड़ी है।

भूमि का सार्वजनिक उपयोग कैसे किया जा सकता है

सामुदायिक उपयोग के लिए कम जगह छोड़ने से भविष्य में कई समस्या खड़ी होगी। रहवासियों को सामूहिक उपयोग के लिए जगह ही नहीं मिलेगी। याचिका में यह भी कहा है कि आयडीए ने 10 प्रतिशत खुली भूमि के नियम का पालन करने के लिए निजी जमीनों पर निर्माण के दौरान खुली छोड़ी गई भूमि को भी अपने द्वारा छोड़ी गई खुली भूमि में शामिल कर लिया है।

ऐसे में सवाल यह है कि निजी जमीन पर खुली छोड़ी गई भूमि का सार्वजनिक उपयोग कैसे किया जा सकता है। याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट आयडीए को टीपीएस-5 में नियमानुसार 10 प्रतिशत खुली भूमि छोड़ने के संबंध में आदेश जारी किए जाएं ताकि भविष्य में सामूहिक उपयोग के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके।

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