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दुर्ग के दंगल में भाजपा लगा रही पूरा जोर, 2018 में बीजेपी को 20 में से महज दो सीट पर मिली जीत

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भारतीय जनता पार्टी को वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में दुर्ग संभाग से तगड़ा झटका लगा था। यहां पर राजनांदगांव से पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह और वैशाली नगर विधानसभा से स्व. विद्यारतन भसीन की जीत को छोड़ दें तो 20 में से 18 सीटों पर कांग्रेस का परचम लहराया था। इसमें वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पाटन विधानसभा सीट भी शामिल है।

कांग्रेस की शानदार जीत के कारण ही सबसे अधिक मंत्री भी दुर्ग संभाग से बनाए गए । इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, अहिवारा विधानसभा से मंत्री कुमार रूद्रगुरु, दुर्ग ग्रामीण से गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, साजा से मंत्री रविंद्र रविंद्र चौबे, कवर्धा से परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर, डौंडी लोहारा महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया शामिल है।

मुख्यमंत्री का जिला होने की वजह से दुर्ग संभाग की प्रत्येक सीट को लेकर कांग्रेस और भाजपा में जीत को लेकर अभी से होड़ सी मची हुई है, जबकि दुर्ग संभाग की चार सीटों को भारतीय जनता पार्टी ने प्रत्याशी दे दिया है। इसमें पाटन से दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल को पाटन, मानपुर मोहला से संजीव शाह, खुज्जी से गीता साहू, खैरागढ़ से विक्रांत सिंह के नाम की घोषणा की जा चुकी है। वहीं पाटन विधानसभा से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल घोषित प्रत्याशी हैं।

सन् 2018 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की बात की जाए, तो कांग्रेस ने दुर्ग संभाग में सबसे शानदार प्रदर्शन किया था। कांग्रेस ने 20 सीटों में से 18 सीटें पर एकतरफा जीत हासिल की थी। भाजपा से केवल पूर्व सीएम डा. रमन सिंह और वैशाली नगर से स्व. विद्यारतन भसीन ने भाजपा की लाज बचा पाए थे। भिलाई नगर विधानसभा से युवा महापौर देवेन्द्र यादव ने भाजपा के पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय को हराया था। दुर्ग संभाग से भाजपा और अन्य विपक्षी दलों को निराशा ही हाथ लगी थी। यही वजह है कि विधानसभा चुनाव – 2023 के लिए कांग्रेस ने दुर्ग संभाग में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा के बड़े नेता भी इस संभाग का दौरा कर लगातार कई सभाएं कर रहे हैं।

दुर्ग संभाग इसलिए है सबसे महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का गृह संभाग होने की वजह से दुर्ग संभाग से कांग्रेस पार्टी को फिर से पुराने परिणाम को दोहराने की पूरी उम्मीद है । यहां पर कांग्रेस के प्रत्येक कार्यकर्ता और नेता से कहा जा रहा है कि सरकार फिर से बनेगी तभी सभी की पूछ पर रख हो पाएगी । वहीं भाजपा द्वारा पूरा जोर लगाया जा रहा है कि कांग्रेस की यहां से नहीं के बराबर के बराबर सीट पर जीत पाए। सांसद विजय बघेल पाटन विधानसभा क्षेत्र में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी लगातार दुर्ग संभाग में भरोसे का सम्मेलन कर रहे हैं। भिलाई में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की उपस्थिति में महिला सम्मेलन कराकर कांग्रेस ने यह संदेश दे दिया है कि उसके लिए दुर्ग संभाग कितना महत्वपूर्ण है।

पाटन विधानसभा की सीट सबसे ज्यादा चर्चित

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कारण दुर्ग संभाग में पाटन विधानसभा सीट सबसे ज्यादा चर्चित है । यहां पर चाचा भूपेश बघेल और दुर्ग लोकसभा के सांसद भतीजा विजय बघेल के बीच सीधी टक्कर है । अब कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राष्ट्रीय दलों के द्वारा यहां पर पूरी ताकत झोंक दी गई है । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपनी विधानसभा सीट से लगातार चुनाव लड़ते आए हैं। इसी तरह से विजय बघेल भी इस विधानसभा के चिर परिचित चेहरा है।

दुर्ग संभाग में आते है ये 20 विधानसभा

पाटन से विधायक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ ही साजा, अहिवारा, दुर्ग ग्रामीण, कवर्धा, डौंडी लोहारा से जीते विधायक सरकार में मंत्री हैं। वहीं अन्य विधानसभा सीटों की बात करें, तो दुर्ग (शहर), भिलाई नगर, वैशाली नगर, अहिवारा, डोंगरगढ़, डोंगरगांव, राजनांदगांव, खैरागढ़, खुज्जी, मोहला मानपुर, पंडरिया, कवर्धा, साजा, बेमेतरा, नवागढ़, संजारी बालोद और गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। दुर्ग संभाग के जिलों की बात करें, तो यहां दुर्ग, राजनांदगांव, खैरागढ़ छुईखदान गंडई, कवर्धा, बेमेतरा, बालोद, मानपुर मोहला अंबागढ़ चौकी आते हैं।

कांग्रेस और भाजपा के बीच ही रहेगा मुकाबला

सन् 2023 के विधानसभा चुनाव में भी इस बार दुर्ग संभाग में कांग्रेस और भाजपा के बीच ही कड़ा मुकाबला होगा। संभाग के सातों जिलों में कांग्रेस ने बीते चुनाव में 18 सीटों पर जीत दर्ज की थी। तो बीजेपी को केवल एक सीट ही मिली थी। यही वजह है कि इस बार बीजेपी इस संभाग में अपनी सीटें बढ़ाने पर जोर दे रही है।

इस तरह से है दुर्ग संभाग के जातीय समीकरण

दुर्ग संभाग ओबीसी मतदाताओं का बाहुल्य वाला क्षेत्र है। दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा, बालोद, कवर्धा, खैरागढ़ जिलों में ओबीसी वोटरों की संख्या ज्यादा है। यहां ओबीसी वोटरों में साहू समाज, कुर्मी, लोधी, यादव समाज के वोटर ज्यादा हैं,जो चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।वहीं एससी एसटी केवल मानपुर मोहला अंबागढ़ चौकी जिले में आदिवासी वोटरों का प्रभाव है। इन वर्गों पर कांग्रेस-भाजपा का प्रभाव है।

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