Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
India's Fastest Metro: भारत की सबसे तेज मेट्रो की रफ्तार ने चौंकाया, अब घंटों का सफर मात्र 30 मिनट म... India AI Impact Summit 2026: बिहार में तकनीक का नया दौर, राज्य सरकार ने ₹468 करोड़ के MoU पर किए हस्... Mamata Banerjee vs EC: "चुनाव आयोग की हिम्मत कैसे हुई?" सुप्रीम कोर्ट के नियमों के उल्लंघन पर भड़कीं... Delhi Kidnapping: पहले विश्वास जीता, फिर दूध पिलाने के बहाने बच्चा लेकर फरार! दिल्ली के अंबेडकर हॉस्... Rape Case Verdict: दुष्कर्म मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी को 7 साल की कड़ी सजा और ... Bhupinder Hooda on Crime: "हरियाणा में वही सुरक्षित है जिसे कोई मारना नहीं चाहता"—बढ़ते अपराध पर हुड... Haryanvi Singer Harsh Gupta Arrested: हरियाणवी सिंगर हर्ष गुप्ता गिरफ्तार, पुलिस ने इस गंभीर मामले म... High-Tech Fraud: पेमेंट का फर्जी मैसेज दिखाकर लाखों के गहने ले उड़ा ठग, शातिर की तलाश में जुटी पुलिस Rohtak Gangwar: रोहतक में सरेआम गैंगवार, गोगा की 20 से अधिक गोलियां मारकर हत्या, CCTV में कैद हुई खौ... Haryana Vivah Shagun Yojana: हरियाणा में बेटी की शादी के लिए मिलेंगे 71,000 रुपये, जानें क्या है पात...

हुकमचंद मिल के मजदूरों के भुगतान को लेकर कैबिनेट में होगी चर्चा, शुक्रवार को फिर सुनवाई

26

इंदौर। हुकमचंद मिल के 5895 मजदूरों के बकाया भुगतान को लेकर मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि मजदूरों के भुगतान को लेकर कैबिनेट में चर्चा होना है। दो दिन का समय दिया जाए। इस पर कोर्ट ने सुनवाई आगे बढ़ाते हुए अगली सुनवाई शुक्रवार के लिए निर्धारित कर दी।

अब शुक्रवार को पता चलेगा कि सरकार ने मजदूरों के भुगतान के लिए क्या योजना तैयार की है। दो दिन पहले खुद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इंदौर प्रवास के दौरान आश्वासन दिया था कि सरकार बहुत जल्दी हुकमचंद मिल के मजदूरों के भुगतान को लेकर कोई बड़ा निर्णय लेगी।

हक के लिए वर्षों से भटक रहे मजदूर

गौरतलब है कि 12 दिसंबर 1991 को हुकमचंद मिल बंद होने के बाद से मिल के 5895 मजदूर और उनके स्वजन अपने अधिकार के लिए भटक रहे हैं। वर्षों पहले हाई कोर्ट ने मजदूरों के पक्ष में 229 करोड़ रुपये मुआवजा तय किया था, लेकिन इसमें से 174 करोड़ रुपये अब तक मजदूरों को नहीं मिले हैं।

मिल की जमीन पर हाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट की तैयारी

नगर निगम और हाउसिंग बोर्ड मिल की जमीन पर हाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट लाने को तैयार हैं। हाउसिंग बोर्ड मिल के मजदूरों के बकाया 174 करोड़ रुपये देने को भी तैयार है, लेकिन मिल के मजदूर मिल बंद होने से लेकर मिल का कब्जा परिसमापक को सौंपे जाने की अवधि का ब्याज दिलवाए जाने की मांग कर रहे हैं। कैबिनेट में इसी को लेकर निर्णय लिया जाना है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.