Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Election Commission: दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड समेत 23 राज्यों में कब लागू होगा SIR? चुनाव आयोग ने ... India-UAE Relations: AI समिट के बहाने भारत-यूएई रिश्तों को नई रफ्तार, पीएम मोदी से मिले क्राउन प्रिं... Delhi Politics: दिल्ली की जनता को फिर याद आए अरविंद केजरीवाल! आम आदमी पार्टी ने बीजेपी सरकार की कार्... Bihar Politics: राज्यसभा की 5 सीटों के लिए बिछी सियासी बिसात, पांचवीं सीट के लिए ओवैसी (AIMIM) बनेंग... Atal Canteen: गरीबों को भरपेट भोजन देने का संकल्प! दिल्ली के कृष्णा नगर से 25 नई 'अटल कैंटीनों' का भ... Vaishno Devi to Shiv Khori: मां वैष्णो देवी से शिवखोड़ी की यात्रा हुई आसान, हेलीकॉप्टर से सिर्फ 20 म... Indian Army: LoC पर घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम, राजौरी में आतंकियों का मददगार गिरफ्तार; सेना का 'डबल... BJP Leader Threat: लॉरेंस गैंग का खौफ! बीजेपी नेता को दी विधायक से 2 करोड़ की रंगदारी वसूलने की सुपा... Bomb Threat: दिल्ली-NCR के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी! आज फिर आईं कई फेक कॉल्स, जांच एजेंसियों ... CAA Case: नागरिकता कानून पर सुप्रीम कोर्ट में 5 मई से शुरू होगी निर्णायक सुनवाई, 200 से ज्यादा याचिक...

खंडवा में अतिवृष्टि से खेत जलमग्न, घरों में घुसा पानी

42

खंडवा। जिले में वर्षा का दौर एक बार फिर शुरू हो गया है।शुक्रवार को सुबह से आसमान में छाए बादल बरस पड़े। ग्रामीण अंचलों में तो इतनी अतिवृष्टि हुई कि किसानों के खेत जलमग्न हो गए। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में तो गलियां नदी में तब्दील हो गईं। घरों में पानी घुसने से ग्रामीणों को जान बचाकर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।

शुक्रवार को सुबह चार बजे से जिले के ग्रामीण अंचलों में वर्षा का सिलसिला शुरू हो गया। स्थिति यह रही कि दो घंटे में नदी-नाले उफान आ गए। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी वर्षा हुई मानो बादल फट गए हों। फिफराड़ नदी में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। ग्राम बखार में तो वर्षा ने लोगों को संभलने का मौका ही नहीं दिया।

यहां इतनी तेज वर्षा हुई कि कुछ ही घंटों में लोगों के घरों में प्रवेश कर गया। फोकटपुरा कालोनी के रहवासी हरिआेम कृपाराम खोरे ने बताया कि वर्षा का पानी घर में घुसने से राशन और अन्य सामग्री पूरी तरह जलमग्न हो गई।फिफराड़ नदी के किनारे ही बसे ग्राम रांजनी में भी अतिवृष्टि से खेत जलमग्न हो गए।

ग्रामीणों की कपास, सोयाबीन, मक्का की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई। इधर भाम नदी के किनारे बसे ग्राम मोहनिया में भी अतिवृष्टि का असर देखा गया।इसी तरह ग्राम पांगरा, सिंगोट, पुरनपुरा, जलकुआं, कालाआम कला, अशापुर, चेनपुर सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेज वर्षा से नदी-नाले उफान पर आ गए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.