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सरकारी स्कूल में बच्चों की उपस्थिति ना के बराबर, मध्याह्न भोजन में मीनू के अनुसार नहीं बन रहा भोजन

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भिंड। स्कूल खुले 3 महीने बीच चुके हैं, लेकिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति न के बराबर होने से क्लासें नियमित नहीं लग पा रही हैं। स्कूलों में पढ़ाई का माहौल ही नहीं है। बच्चों की संख्या कम होने के कारण शिक्षक भी पढ़ाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। आमतौर पर हर मध्याह्न भोजन में खीर-पूड़ी के वितरण वाले दिन उपस्थिति 100 प्रतिशत हो जाती थी, लेकिन अब खीर-पूड़ी भी बच्चों को स्कूल तक नहीं खींच पा रही है।

रौन ब्लाक में 484 प्राइमरी-मिडिल स्कूलों में हालात लगभग एक जैसे ही है। इधर, शिक्षक बच्चों की संख्या जल्द बढ़ने का हवाला दे रहे हैं। शनिवार को स्कूलों का लाइव कवरेज किया तो प्रमुख स्कूलों में बच्चे बहुत कम संख्या में उपस्थित थे। कई जगह क्लास खाली दिखाई दी। बच्चों को मध्याह्न भोजन भी मेन्यू अनुसार नहीं दिया जा रहा है।

484 स्कूलों में 35 हजार बच्चे

ब्लाक में 64 प्राइमरी-मिडिल स्कूल हैं, इनमें दर्ज बच्चों की संख्या 35 हजार है। इनमें से आधे बच्चे यानी लगभग 17 हजार बच्चे ही स्कूलों में पहुंच रहे हैं। अधिकांश स्कूलों में उपस्थिति नहीं है। अक्सर खीर-पूड़ी के शेड्यूल वाले दिन उपस्थिति बहुत ज्यादा रहती है, लेकिन इस साल तो स्वादिष्ट पकवान भी बच्चों को स्कूल तक नहीं खींच पा रहे हैं।

स्कूलों की स्थिति

– स्कूल – सरकारी प्राथमिक व मिडिल स्कूल बिस्वारी

दर्ज बच्चों की संख्या- 111

उपस्थित बच्चों की संख्या – 40

स्थिति – बुधवार को स्कूल में महज 40 छात्र थे। कुछ छात्र क्लास में बैठे थे कुछ बाहर घूम रही थे। मध्याह्न भोजन में आलू की सब्जी और रोटी थी। स्कूल में उपस्थित सभी छात्राें ने भोजन नहीं किया था।

– स्कूल – सरकारी प्राथमिक स्कूल मोरखी

दर्ज बच्चों की संख्या – 107

उपस्थित बच्चों की संख्या – 35

स्थिति – बुधवार को स्कूल में 107 छात्राें में से महज 35 ही स्कूल आए थे। दोपहर 2.30 मिनट स्कूल में छात्र बाहर घूम रहे थे, जबकि शिक्षक आपस में बता कर रहे थे। यहां छात्राें को मध्याह्न भोजन में खाना मेन्यू अनुसार नहीं दिया गया। बल्कि छात्राें को दाल-रोटी दी गई।

– स्कूल – सरकारी प्राथमिक कन्या स्कूल मछंड

दर्ज बच्चों की संख्या – 135

उपस्थित बच्चों की संख्या – 40

स्थिति – स्कूल में बच्चे क्लास में बैठे हुए थे, वहीं कुछ बच्चे बाहर घूम रहे थे। यहां बुधवार को बच्चों को मध्याह्न भोजन में आलू की सब्जी और रोटी दिए गए। जो मेन्यू अनुसार नहीं थे। स्कूल में कम छात्र उपस्थिति के बार में हैडमास्टर कुछ जवाब नहीं दे पाए।

नहीं बन रहा है स्कूल में मेन्यू अनुसार भोजन

बुधवार को सैंपल सर्वे में यह बात निकलकर आई है कि शासन की ओर से बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन में जो मेन्यू तैयार किया है, उसके अनुसार बच्चों को खाना नहीं दिया जा रहा है। स्वसहायता समूह स्कूल में हैडमास्टर और शिक्षकों के साथ मिलकर मर्जी के हिसाब से खाना परोस रहे हैं।

यह है साप्ताहिक मेन्यू -ृ

सोमवार – रोटी, तुअर की दाल, काबुली चना, आलू-टमाटर-मटर की सब्जी

मंगलवार – पू़ड़ी, खीर, हलुआ, मूंग की बड़ी व आलू-टमाटर की सब्जी

बुधवार – रोटी, चना की दाल, मिक्स सब्जी

गुरुवार – सब्जी, पुलाब और पकोड़े वाली कढ़ी

शुक्रवार – रोटी, मूंग की दाल, हरी सब्जी

शनिवार – पराठें, मिक्स दाल व हरी सब्जी

मेन्यू अनुसार नहीं बना भोजन

बुधवार को स्कूलों में मेन्यू अनुसार मध्याह्न भोजन नहीं बना। समूहों ने बच्चों की कितनी उपस्थित दर्ज की है। इसकी हम जानकारी करेंगे।

व्योमेश शर्मा, डीपीसी भिंड

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