Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका... अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और ब... IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, जानें किन पुख्ता सबूतों पर कोर्ट ने सु... पूर्णिया में बदल रही गांवों की तस्वीर: PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 281 परिवारों का बिजली बिल हु... हरिद्वार कांवड़ यात्रा में बड़ा हादसा: जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ के 4 कांवड़ियो... संत रविदास के 650वें जयंती वर्ष पर भदोही बना 'संत रविदास नगर', सीएम योगी ने की सांस्कृतिक पुनर्स्थाप... बिहार विधान परिषद में बड़ा उलटफेर: बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, मंत्री दीपक प्रकाश के ... असम के शिलचर में बड़ा हादसा: पानी की टंकी की सफाई के दौरान दम घुटने से 4 लोगों की मौत; इलाके में शोक कटनी में 11 साल पुरानी जर्जर सड़क का केक काटकर मनाया जन्मदिन! कांग्रेस का प्रशासन के खिलाफ अनोखा विर...

साहित्य के क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं-डा उषा किरण

38

बिलासपुर।इसरो के चंद्रयान से जुड़े विज्ञानियों में अनेक महिलाएं भी शामिल रही हैं। बड़ी तेजी से महिलाएं आगे बढ़ी हैं तो साहित्य के क्षेत्र में वे कैसे पीछे रह सकती हैं। महिला साहित्यकारों के सम्मेलन एवं विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से अपनी बात रखती हुईं डा उषा किरण बाजपेयी ने आगे कहा कि बिन्नी श्रीवास्तव की किताबें ”और भी हैं राहें एवं मानवी ” वर्तमान समय में बच्चों के जीवन में करियर को लेकर नया मोड़ लाया है । आये दिन कोटा में,जो शिक्षा का हब है,आत्महत्या या डिप्रेशन के मामले सुने जाते हैं।

ऐसी स्थिति में बच्चों को उनके माां पिता का प्यार , संस्कार, सुरक्षा कवच का काम करते हैं। समारोह की अध्यक्षता करते उषा तिवारी जी ने कहा-महिला साहित्यकार सम्मेलन सार्थक और सुखद अहसास तो है ही साथ ही प्रकाशक की अपने राइटरों के प्रति दायित्यों को भी प्रगट करता है।विशेष अतिथि की आसंदी से युवा पार्षद सुश्री श्रद्धा जैन ने कहा-बिन्नी श्रीवास्तव की किताबें शिक्षा जगत की बुराइयों पर प्रकाश डालती हैं।ऐसे आयोजन हमेशा होते रहना चाहिए।इस मौके पर लेखिका बिन्नी श्रीवास्तव मौजूद रहीं।उन्होंने अतिथियों का स्वागत एवं अपनी दोनों पुस्तकों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का सफल संचालन कवयित्री संगीता मनीष बनाफर ने किया।आभार व्यक्त करते हुए बुक्स क्लिनिक पब्लिकेशन के डायरेक्टर हितेश सिंह बिसेन ने कहा-हमारे प्रकाशन ने सोचा कि पुस्तक विमोचन के साथ ही महिला साहित्यकारों का सम्मेलन कराया जाए। नगर में संभवतः यह पहला अवसर है जबकि उनका सम्मेलन कराया जा रहा है।यह क्रम जारी रहेगा। इसके बाद काव्य गोष्ठी हुई जिसमें आसन्न गणेशोत्शव पर डा सर्वेश पाठक ने अपनी रचना पढ़ी-

” प्रथम पूज्य देवा

कैसे करूं तेरी सेवा।”

डा.उषा किरण जी ने ये पंक्तियां प्रस्तुत कीं-

भौतिकता की अंधी दौड़ में,

यंत्र तुल्य इंसान होते जा रहे हैं।

स्नेह-प्रेम के भावों को भूल कर,

हम कहां जा रहे है ?

संगीता मनीष बनाफर ने अपनी रचना इन पंक्तियों में पेश कीं-

सुन ले तू वो धुन जो गूंजे,

क्षितिज के पार से।

कर ले जय अपने जीवन की

कर्म के श्रृंगार से।

अन्य कवयित्रियों उषा तिवारी , रजनी केशरवानी,जिया तुमानिया, रानू राजपूत,अनन्या ठाकुर आदि शामिल थीं। इस अवसर पर ऋचा सिंह ,श्रीमती अन्नपूर्णा ठाकुर,राजेश कुमार बंजारे,आर्यन धीवर,सतीश वर्मा,राकेश साहू,सामर्थ ठाकुर एवं अन्य प्रमुखजन उपस्थति थे।

हितेश सिंह बिसेन

डॉयरेक्टर बुक्स क्लिनिक

श्रीमती ऋचा सिंह

डॉयरेक्टर साहित्य ग्राम प्रकाशन

बिलासपुर

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.