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तो राजनीति करने के लिए धर्म के मंच की आवश्यकता नहीं

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छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा के सिमरिया में आयोजित पंडित प्रदीप मिश्रा की पांच दिवसीय शिवमहापुराण कथा का शनिवार को समापन हुआ। इस आयोजन को राजनीतिक बताने पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने व्यासपीठ से कहा कि किसी को इस 5 दिन की कथा में अगर कहीं भी राजनीति नजर आए तो हमें बताना। पंडित प्रदीप मिश्रा ने दुर्गुणों को छोड़ने के लिए कबड्डी का उदाहरण दिया। प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जो व्यक्ति कथा करवाने के लिए इंदौर आ सकते हैं बार-बार आमंत्रण दे सकते हैं उनको राजनीति करने के लिए धर्म के मंच की आवश्यकता नहीं और भी मंच मिल सकते हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सिर्फ छिंदवाड़ा वासियों को यह कथा नहीं मिली है बल्कि हमें भी छिंदवाड़ा में लाखों शिव भक्तों के दर्शन का सौभाग्य मिला है।

दुर्व्यसन करने वाले व्यक्ति से हमें दूर रहना चाहिए

उन्होंने कहा कि जिस तरह कबड्डी के खेल में विरोधी टीम के व्यक्ति को सिर्फ छूकर खिलाड़ी भाग जाता है उसी प्रकार जीवन में दुर्व्यसन करने वाले व्यक्ति से हमें दूर रहना चाहिए नहीं तो वो हमें आउट कर देगा। छिंदवाड़ा की एक बच्ची का पत्र पढ़कर भी सुनाया जिसमें लिखा था कि आप इतने कम दिनों के लिए छिंदवाड़ा आए, इससे हमें काफी नाराजगी है। ये पत्र सुनकर हर कोई भावुक हो गया।

प्रभु की कृपा है जो हमें ये जीवन मिला, प्रभु को धन्यवाद दो

प्रदीप मिश्रा ने कहा कि प्रभु की कृपा है जो हमें ये जीवन मिला, प्रभु को धन्यवाद दो कि हमें मानव योनि‍ में जन्म मिला, हमारा शरीर स्वस्थ है। दिन में कम से कम 12 घंटे ध्यान पूजन करना चाहिए, वो न हो सके तो 6 घंटे, 6 घंटे न हो सके तो 1 घंटे ध्यान पूजन करना चाहिए। कुछ भी न हो तो कम से कम एक मिनिट ध्यान करना चाहिए, जो व्यक्ति एक मिनिट भी ध्यान नहीं कर सकता उसे चुल्लू भर पर पानी मेंं डूब जाना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री बोले- आपके आने से छिंदवाड़ा वासियों को कथा सुनने का मिला सौभाग्य

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने पंडित प्रदीप मिश्रा का धन्यवाद देते हुए कहा कि आपके आने से छिंदवाड़ा वासियों को कथा सुनने का सौभाग्य तो मिला ही है लेकिन आज पूरे देश में छिंदवाड़ा का नाम भी पहुंचा है जिसने कभी छिंदवाड़ा का नाम भी नहीं सुना होगा उसने आज इस कथा के माध्यम से छिंदवाड़ा को जान लिया है। उन्होंने पंडित प्रदीप मिश्रा से बार-बार छिंदवाड़ा आने का निवेदन किया।उन्होंने कहा कि कथा काफी कम दिन में खत्म हो गई इससे हमारा पेट नहीं भरा। हम चाहते हैं कि आप यहां से जाते समय यह कहते हुए जाएं कि हम छिंदवाड़ा आते रहेंगे और आप छिंदवाड़ा को गोद ले लीजिए ऐसा जिला आपको कहीं नहीं मिलेगा।

कोरोना काल में इंजेक्शन और आक्सीजन की कोई कमी नहीं रही

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा समापन के दौरान आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि आज से ढाई साल पहले जब पूरे देश में कोरोना की लहर थी उस समय छिंदवाड़ा एकमात्र ऐसा जिला था, जहां 1 घंटे के लिए भी आक्सीजन और रिमेडसिविर इंजेक्शन की कमी हमने नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि मुझे लोग पूछते थे कि छिंदवाड़ा में इंजेक्शन और आक्सीजन की कोई कमी नहीं है तो मैंने कहा कि यह छिंदवाड़ा वाले के प्यार और विश्वास का फल है।

अब छोटे से मंदिर में भी जाओ तो जल चढ़ाने के लिए इंतजार करना पड़ता है

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि पहले भी बड़े, बड़े मंदिर थे, बड़े बड़े कथावाचक थे, बड़े बड़े यजमान थे, लेकिन भक्ति का भाव नहीं था। आज श्रद्धालु जब एक लोटा जल चढ़ाने मंदिर जाता है तो उसके मन में श्रद्धा का भाव होता है, ये अंतर आया है। पहले मंदिर में भीड़ नहीं होती थी, लेकिन अब किसी छोटे से मंदिर में भी जाओ तो जल चढ़ाने के लिए इंतजार करना पड़ता है।

खोया, पाया काउंटर में लगी भीड़

सिमरिया मंदिर के पास एक काउंटर भी लगाया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग अपने गुमे हुए स्वजन का पता लगाने पहुंचे, दो दर्जन से ज्यादा लोगों के नाम काउंटर से पुकारे गए।

वर्षा ने भी कम नहीं हुआ उत्साह

कथा के दौरान और कथा के बाद सिमरिया में मूसलाधार वर्षा हुई, जिससे टैंट के बाहर बैठे लोग भीग गए, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ, श्री शिवाय नमस्तुभ्यम के मंत्र जाप पर हर कोई आध्यात्मिक धारा में सराबोर हो गया। खुद पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि लोगों ने पांच दिनों में ठंड, वर्षा और गर्मी सारे मौसम देख लिए, लेकिन किसी का उत्साह कम नहीं पड़ा। साथ ही कुछ लाेग इमारतों खंबों और ट्रकों पर खड़े नजर आए। इसे लेकर भी प्रदीप मिश्रा ने कहा कि वाकई बहुत अदभुत अनुभूति हमें हुई हैं।

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