Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे को दी 21,800 करोड़ की मेट्रो परियोजनाओं की सौगात, हिंजेवाड़ी से शि... बॉम्बे हाईकोर्ट का बीएमसी को कड़ा निर्देश, अभिनेत्री दीया मिर्जा का हटाया गया वीडियो दोबारा सोशल मीड... अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में सियासी घमासान, छह वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्र... जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़ा भूचाल, सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के इस्तीफे से उमर अब्दुल्ला क... दक्षिण ब्लॉक होगा पूरी तरह खाली, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और डीजीएमओ का कार्यालय नए शौर्य भवन में... अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में सियासी हलचल तेज, कोर कमेटी की बैठक में पार्थ पवार के फैसलों पर ज... आगरा के कमला नगर में पीवीसी कारोबारी के घर बड़ी चोरी, तीन नकाबपोश बदमाश 70 लाख के जेवर ले उड़े गोवंश तस्करी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, वाहन जब्ती को अवैध करार देकर सरकार पर लगाया ... बिहार में नदियों की गाद से बनेंगे नेशनल हाईवे, NHAI और राज्य सरकार के बीच हुआ बड़ा समझौता Health and Nutrition Tips Protein Products Market: बाजार में बिकने वाले प्रोटीन प्रोडक्ट्स खरीदने से...

सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को निशाना बनाने वाले अंतरजिला डीजल चोर गिरोह का बेमेतरा पुलिस ने किया बड़ा पर्दाफाश

4

बेमेतरा: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में सड़क किनारे खड़े रहने वाले भारी वाहनों से डीजल चुराने वाले एक सक्रिय अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस आपराधिक वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के कुल 9 आरोपियों को धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से दो स्कॉर्पियो गाड़ियों समेत 36 लाख रुपये से अधिक मूल्य की सामग्री जब्त की गई है। यह गिरोह मुख्य रूप से बेमेतरा, बिलासपुर, मुंगेली और जांजगीर-चांपा जिलों में सक्रिय रहकर वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से चार अलग-अलग जिलों में फैले डीजल चोरी के इस बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

नांदघाट नेशनल हाईवे पर स्थित पेट्रोल पंप के पास खड़े कंटेनर ट्रकों को बनाया था निशाना, ऐसे हुआ मामले का खुलासा

इस पूरे मामले की शुरुआत नांदघाट थाना क्षेत्र के रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित ग्राम टेमरी के एक पेट्रोल पंप के समीप हुई चोरी की घटना से हुई थी। यहाँ सड़क किनारे खड़े दो कंटेनर ट्रकों को अज्ञात चोरों ने अपना निशाना बनाया। चोरों ने ट्रकों की डीजल टंकियों के लॉक तोड़कर लगभग 550 लीटर डीजल चुरा लिया था। पीड़ित वाहन चालक की रिपोर्ट पर नांदघाट थाने में तत्काल अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल (IPS) के कड़े निर्देशों और मार्गदर्शन में नांदघाट थाना पुलिस तथा साइबर सेल की एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, तकनीकी संसाधनों और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की और लगातार प्रयासों के बाद गिरोह के सभी 9 सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों में दो वाहन मालिक भी शामिल, महज 10 से 15 मिनट में जरकिन और टुल्लू पंप से देते थे घटना को अंजाम

इस संबंध में जानकारी देते हुए बेमेतरा के पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने बताया कि तीन अलग-अलग जगहों पर डीजल चोरी की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद लगातार सघन प्रयास कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए लोगों में 2 वाहन मालिक भी शामिल हैं। इनके पास से चोरी किया हुआ लगभग 500 लीटर डीजल और 1 लाख 54 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। ये शातिर चोर अपने साथ प्लास्टिक के जरकिन और बिजली चालित टुल्लू पंप लेकर चलते थे और मात्र 10 से 15 मिनट के भीतर ही डीजल चोरी की पूरी घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में निखिलदास, सुरज कुर्रे, मनीष कुमार जांगड़े उर्फ मोना, संजीत कुमार अनंत, जयकरण खुंटे, शुभम जांगड़े, उपेन्द्र उर्फ ननकी यादव, रेशम उर्फ मोनु यादव और राजेश कोयल शामिल हैं।

फर्जी डिजिटल नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर पुलिस को देते थे चकमा, रात के वक्त टंकियों के लॉक तोड़कर करते थे चोरी

पुलिस पूछताछ के दौरान इस गिरोह के काम करने का नायाब और शातिर तरीका सामने आया। आरोपी अपनी स्कॉर्पियो गाड़ियों पर फर्जी डिजिटल नंबर प्लेट लगाकर अलग-अलग जिलों में घूमते थे, ताकि पुलिस या आम जनता को उन पर कोई शक न हो। वे मुख्य रूप से ‘सीजी 10 बीए 7969’ नंबर की फर्जी प्लेट का इस्तेमाल करते थे। रात के समय सुनसान रास्तों पर खड़े भारी वाहनों को निशाना बनाकर उनकी टंकियों के ताले तोड़े जाते और बड़ी मात्रा में डीजल निकालकर ड्रमों व जरकिनों में भर लिया जाता था। इसके बाद चुराए गए डीजल को बाजार में सस्ते दामों पर बेचकर आपस में पैसे बांट लेते थे।

चार जिलों तक फैला था आपराधिक नेटवर्क, सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर भेजा गया न्यायिक रिमांड पर

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का दायरा केवल बेमेतरा तक ही सीमित नहीं था, बल्कि बिलासपुर, मुंगेली और जांजगीर-चांपा जिलों के विभिन्न इलाकों में भी इनकी संलिप्तता पाई गई है। पुलिस ने इनके पास से दो स्कॉर्पियो गाड़ियों सहित 36 लाख रुपये से अधिक की सामग्री जब्त की है। पुलिस ने सभी 9 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। बेमेतरा पुलिस और साइबर सेल की इस संयुक्त कार्रवाई को क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.